अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव को खत्म करने के लिए पाकिस्तान की अगुवाई में बड़ी कोशिशें की जा रही हैं। इस सिलसिले में कतर के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद ने सऊदी अरब, तुर्की और जॉर्डन के विदेश मंत्रियों से फोन पर लंबी बात की है। इस बातचीत का मकसद दोनों देशों के बीच जारी जंग को रोकने और इलाके में शांति बहाल करने के लिए जारी मध्यस्थता पर चर्चा करना था। कतर की टीम भी इस मामले में पाकिस्तान की मदद के लिए तेहरान पहुंच चुकी है।

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पाकिस्तान की अगुवाई में क्या हो रही है बातचीत?

पाकिस्तान इस समय अमेरिका और ईरान के बीच सुलह कराने में सबसे मुख्य भूमिका निभा रहा है। पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर बातचीत के तीसरे दौर के लिए ईरान की राजधानी तेहरान पहुंचे हैं। उनके साथ पाकिस्तान के आंतरिक मंत्री भी मौजूद हैं जो पहले भी ईरानी अधिकारियों से मिल चुके हैं। वहीं पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ चीन की यात्रा पर जाने वाले हैं, जो इस बातचीत में एक और अहम कड़ी साबित हो सकता है। कतर ने भी साफ किया है कि उसका काम इस बातचीत में पाकिस्तान का सहयोग करना है और वह कोई अलग से बातचीत नहीं कर रहा है।

अमेरिका और ईरान का इस मुद्दे पर क्या कहना है?

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने इस बातचीत पर कहा है कि स्वीडन में हुई नाटो देशों की बैठक के दौरान ईरान के साथ चर्चा में कुछ सुधार देखा गया है। हालांकि उन्होंने यह भी चेतावनी दी है कि अगर यह बातचीत नाकाम होती है, तो उनके पास दूसरा प्लान भी तैयार है, जो मुख्य रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़ा है। दूसरी तरफ, ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मोजताबा खामेनेई ने यूरेनियम को देश से बाहर भेजने के खिलाफ निर्देश जारी किए हैं। इसके साथ ही ईरान के उप विदेश मंत्री ने होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपनी संप्रभुता का दावा फिर से दोहराया है।

इस पूरे विवाद की पृष्ठभूमि क्या है?

अमेरिका और इजरायल की ईरान के साथ जंग 28 फरवरी 2026 को शुरू हुई थी। इसके बाद 8 अप्रैल 2026 को एक युद्धविराम लागू किया गया था। इससे पहले अप्रैल में पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर ने इस्लामाबाद में सीधे बातचीत कराने की कोशिश की थी, लेकिन वह कोशिश नाकाम रही थी क्योंकि ईरान का आरोप था कि अमेरिका बहुत ज्यादा मांगें रख रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने भी पहले कहा था कि बातचीत एक समझौते और नए हमलों के बीच बिल्कुल बॉर्डर लाइन पर टिकी हुई है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

कतर का इस बातचीत में क्या रोल है?

कतर इस बातचीत में सीधे तौर पर मुख्य मध्यस्थ नहीं है। कतर के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि उनकी भूमिका केवल पाकिस्तान द्वारा की जा रही मुख्य मध्यस्थता का समर्थन करने की है।

क्या अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत सफल हो रही है?

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के अनुसार बातचीत में थोड़ी प्रगति हुई है, लेकिन अभी भी कई बड़े मुद्दों जैसे यूरेनियम संवर्धन और होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर दोनों पक्षों में मतभेद बने हुए हैं।