पाकिस्तान में अल्पसंख्यक लड़कियों के अपहरण और जबरन धर्म परिवर्तन का मामला एक बार फिर चर्चा में है। मारिया शहबाज़ नाम की ईसाई बच्ची की शादी और उसकी कस्टडी को लेकर कोर्ट के फैसले से काफी हंगामा मच गया है। Human Rights Focus Pakistan (HRFP) ने इसे न्याय की बड़ी विफलता बताया है और कहा है कि यह घटना केवल एक इत्तेफाक नहीं है।

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मारिया शहबाज़ केस में आखिर हुआ क्या?

मारिया शहबाज़ का अपहरण 29 जुलाई 2025 को हुआ था। उसके पिता शाहबाज़ मसीह ने अपनी बेटी को वापस पाने के लिए कानूनी लड़ाई लड़ी और अदालत में दस्तावेज़ भी पेश किए। 25 मार्च 2026 को पाकिस्तान की Federal Constitutional Court (FCC) ने फैसला सुनाते हुए मारिया की शादी को सही माना और उसकी कस्टडी 30 साल के आरोपी शेहर्यार अहमद को सौंप दी।

कोर्ट का फैसला और मानवाधिकारों का उल्लंघन

मारिया के पिता ने नादरा (NADRA) से मिला जन्म प्रमाण पत्र पेश किया था, जिसमें बच्ची की उम्र 12 या 13 साल बताई गई थी। लेकिन कोर्ट ने इन कागज़ात को भरोसेमंद नहीं माना और बच्ची को ‘समझदार उम्र’ का बताते हुए उसकी शादी को जायज़ करार दिया। HRFP के अध्यक्ष नवीद वॉल्टर ने कहा कि यह फैसला पाकिस्तानी कानून और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार नियमों के खिलाफ है।

विरोध प्रदर्शन और मुख्य जानकारी

इस फैसले के बाद ईसाई समुदाय में भारी गुस्सा देखा गया। 14 अप्रैल 2026 को कराची में कैथोलिक चर्च और मानवाधिकार संगठनों ने बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किए। अधिकार कार्यकर्ताओं का कहना है कि अल्पसंख्यक लड़कियों को डरा-धमकाकर धर्म परिवर्तन कराया जाता है और फिर कोर्ट में उनकी मजबूरी में दिए गए बयानों के आधार पर शादी को सही ठहरा दिया जाता है।

मुख्य विवरण जानकारी
अपहरण की तारीख 29 जुलाई 2025
कोर्ट का अंतिम फैसला 25 मार्च 2026
आरोपी का नाम और उम्र शेहर्यार अहमद, 30 साल
विरोध प्रदर्शन की तारीख 14 अप्रैल 2026
विरोध करने वाली संस्था Human Rights Focus Pakistan (HRFP)
Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.