अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव को कम करने के लिए पाकिस्तान ने एक बार फिर बड़ी कोशिश शुरू की है. पाकिस्तान के गृह मंत्री Mohsin Naqvi 20 मई 2026 को तेहरान पहुंचे हैं. यह एक हफ्ते के अंदर उनकी दूसरी यात्रा है और वे अपने साथ एक बेहद जरूरी संदेश लेकर गए हैं ताकि दोनों देशों के बीच रुकी हुई बातचीत को फिर से शुरू किया जा सके.
पाकिस्तान के मंत्री तेहरान क्यों गए हैं
पाकिस्तान इस समय अमेरिका और ईरान के बीच मुख्य मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है. गृह मंत्री Mohsin Naqvi अपनी इस यात्रा में ईरानी अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठकें कर रहे हैं. इससे पहले वे 16 से 18 मई 2026 के बीच भी तेहरान के आधिकारिक दौरे पर थे. इस दौरान उन्होंने ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian और विदेश मंत्री Abbas Araghchi से मुलाकात की थी. पाकिस्तान का मकसद एक नाजुक युद्धविराम को बनाए रखना और दोनों देशों के बीच शांति समझौता कराना है.
अमेरिका और ईरान के बीच क्या है विवाद
इन दोनों देशों के बीच संघर्ष की शुरुआत 28 फरवरी 2026 को हुई थी. हालांकि, पाकिस्तान की मध्यस्थता से 8 अप्रैल 2026 को एक युद्धविराम हुआ था. वर्तमान में स्थिति अभी भी तनावपूर्ण है. अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने 18 मई 2026 को Truth Social पर एक कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि ईरान के पास समय कम है और उन्हें जल्दी फैसला लेना होगा. दूसरी ओर, ईरान के संसद स्पीकर Mohammad Bagher Ghalibaf ने साफ किया है कि शांति के लिए अमेरिका को ईरान के 14 सूत्रीय ढांचे को स्वीकार करना होगा.
अब तक की बातचीत का क्या अपडेट है
- 11 मई 2026: ईरान ने पाकिस्तानी मध्यस्थों के जरिए अमेरिका के ताजा प्रस्ताव पर अपना जवाब भेजा.
- 18 मई 2026: ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baghaei ने पुष्टि की कि वॉशिंगटन के साथ राजनयिक प्रक्रिया पाकिस्तान के जरिए जारी है.
- मुख्य मुद्दा: विशेषज्ञों के अनुसार, विवाद मुख्य रूप से बातचीत के क्रम को लेकर है, जिसमें होर्मुज जलडमरूमध्य और परमाणु मुद्दे सबसे अहम हैं.
Frequently Asked Questions (FAQs)
पाकिस्तान अमेरिका और ईरान के बीच क्या भूमिका निभा रहा है
पाकिस्तान एक मुख्य मध्यस्थ के रूप में काम कर रहा है. गृह मंत्री मोहसिन नकवी और आर्मी चीफ फील्ड मार्शल आसिम मुनीर के जरिए दोनों देशों के बीच प्रस्तावों का आदान-प्रदान हो रहा है ताकि युद्ध को रोका जा सके.
ईरान और अमेरिका के बीच संघर्ष कब शुरू हुआ
इन दोनों देशों के बीच संघर्ष 28 फरवरी 2026 को शुरू हुआ था, जिसके बाद 8 अप्रैल 2026 को पाकिस्तान की मध्यस्थता से एक युद्धविराम हुआ था.
