पाकिस्तान इस समय भारी आर्थिक संकट से जूझ रहा है और उस पर 100 अरब डॉलर से अधिक का विदेशी कर्ज है। अपनी डूबती हुई अर्थव्यवस्था को सहारा देने के लिए इस्लामाबाद अब ईरान और अमेरिका के बीच शांति समझौता कराने की कोशिश में जुटा है। रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान का मकसद इस समझौते के जरिए ईरान से फंड हासिल करना है ताकि वह अपने आर्थिक हालात सुधार सके। इस काम के लिए पाकिस्तान के बड़े अधिकारी और सेना प्रमुख भी सक्रिय हो गए हैं।
शांति समझौते के लिए पाकिस्तान की क्या है तैयारी?
पाकिस्तान की ओर से मध्यस्थता की कोशिशें तेज कर दी गई हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, गुरुवार 21 मई 2026 को पाकिस्तान के थल सेनाध्यक्ष जनरल आसिम मुनीर शांति वार्ता के लिए तेहरान की यात्रा पर जा सकते हैं। इसके साथ ही पाकिस्तान के आंतरिक मंत्री मोहसिन नकवी ने ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची से मुलाकात की है। ईरान ने आधिकारिक तौर पर बताया है कि वह अमेरिका के नए शांति प्रस्ताव की समीक्षा कर रहा है। पाकिस्तान ने 19 मई को ईरान का 14 सूत्रीय संशोधित प्रस्ताव अमेरिका को भेजा था।
ईरान और अमेरिका की क्या है इस पर प्रतिक्रिया?
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने बताया कि तेहरान अमेरिका के विचारों की समीक्षा कर रहा है और बातचीत को सकारात्मक तरीके से आगे बढ़ाना चाहता है। हालांकि ईरान का कहना है कि उसे अमेरिका पर गहरा संदेह है। दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि एक समझौते पर पहुंचने की अच्छी संभावना है। ट्रंप ने पहले ईरान के एक प्रस्ताव को खारिज कर दिया था, लेकिन अब वे कूटनीतिक रास्ते पर विचार कर रहे हैं। हालांकि, उन्होंने यह चेतावनी भी दी है कि तेहरान के पास समय कम है।
पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था और मदद की उम्मीद
पाकिस्तान की कोशिश है कि अगर ईरान और अमेरिका के बीच समझौता हो जाता है और ईरान पर से प्रतिबंध हटते हैं, तो ईरान पाकिस्तान को कर्ज चुकाने में मदद कर सकता है। इजरायली मीडिया रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि पाकिस्तान कथित तौर पर ईरानी सेना को अपनी संपत्तियों को छिपाने में मदद कर रहा है। पाकिस्तान ने 28 अप्रैल 2026 को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भी इस विवाद के शांतिपूर्ण समाधान की बात दोहराई थी। सऊदी अरब ने भी पाकिस्तान की इन कोशिशों और ट्रंप के कूटनीतिक रुख का स्वागत किया है।
| मुख्य घटना | तारीख (मई 2026) |
|---|---|
| सेना प्रमुख आसिम मुनीर की तेहरान यात्रा | 21 मई |
| ईरानी विदेश मंत्री और मोहसिन नकवी की बैठक | 21 मई |
| ईरान ने संशोधित 14 सूत्रीय प्रस्ताव भेजा | 19 मई |
| डोनाल्ड ट्रंप ने हमले की योजना रोकी | 18 मई |
| पाकिस्तान ने अमेरिका को नया ईरानी प्रस्ताव दिया | 18 मई |
Frequently Asked Questions (FAQs)
पाकिस्तान इस शांति समझौते में मध्यस्थता क्यों कर रहा है?
पाकिस्तान पर 100 अरब डॉलर से ज्यादा का विदेशी कर्ज है और वह ईरान से आर्थिक मदद प्राप्त करने के लिए ईरान और अमेरिका के बीच सुलह कराने की कोशिश कर रहा है।
ईरान की मुख्य मांगें क्या हैं?
ईरान चाहता है कि अमेरिका अपनी सेनाएं वापस बुलाए, प्रतिबंध हटाए, उसके जमे हुए फंड को जारी करे और समुद्री नाकेबंदी को खत्म करे।
क्या सऊदी अरब इस पहल का समर्थन कर रहा है?
हां, सऊदी अरब ने पाकिस्तान की मध्यस्थता की कोशिशों का स्वागत किया है और अप्रैल 2026 में पाकिस्तान को 3 अरब डॉलर की मदद भी दी थी।
