पाकिस्तान में इस वक्त बड़ी डिप्लोमैटिक हलचल चल रही है. ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची इस्लामाबाद पहुंचे हैं, जहां उनकी मुलाकात पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से होगी. यह पूरी मुलाकात इसलिए अहम है क्योंकि पाकिस्तान अब ईरान और अमेरिका के बीच शांति लाने के लिए एक बिचौलिए की भूमिका निभा रहा है.
पाकिस्तान और ईरान की मुलाकात में क्या होगा?
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची शुक्रवार 24 अप्रैल की रात को इस्लामाबाद पहुंचे थे. शनिवार 25 अप्रैल को उनकी मुलाकात प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से तय हुई है. इस मीटिंग के दौरान ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन का एक खास संदेश प्रधानमंत्री को दिया जाएगा. दोनों देशों के बीच व्यापार, ऊर्जा और इलाके में शांति बनाए रखने जैसे बड़े मुद्दों पर बात होगी.
क्या अमेरिका और ईरान की सीधी बात होगी?
ईरान ने साफ कह दिया है कि वह अमेरिका के अधिकारियों से कोई सीधी बात नहीं करेगा. इसके बजाय पाकिस्तान एक जरिया बनेगा जो दोनों तरफ की बातें एक-दूसरे तक पहुंचाएगा. व्हाइट हाउस की तरफ से स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर 25 अप्रैल को पाकिस्तान पहुंचेंगे. अमेरिका ने पाकिस्तान को इस काम के लिए एक बेहतरीन बिचौलिया बताया है.
क्षेत्रीय शांति और व्यापार पर क्या है प्लान?
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के मुताबिक इस चर्चा का मुख्य मकसद इलाके में स्थिरता लाना है. इसके साथ ही दोनों देश आपसी व्यापार को बढ़ाने और एनर्जी प्रोजेक्ट्स पर सहयोग करने पर भी चर्चा करेंगे. ईरान के विदेश मंत्री ने बताया कि वह रूस और ओमान के दौरे के बाद पाकिस्तान आए हैं ताकि क्षेत्रीय मुद्दों पर आपसी तालमेल बिठाया जा सके.