Pakistan News: पाकिस्तान ने अमेरिका और ईरान के बीच कराया समझौता, 2 हफ्ते का युद्धविराम शुरू, लेबनान पर फंसा पेंच.
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ की मध्यस्थता के बाद अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ़्तों का युद्धविराम समझौता हो गया है. यह समझौता 8 अप्रैल 2026 से प्रभावी माना गया है. इस बड़े फैसले से खाड़ी देशों में चल रहे तनाव को कम करने में मदद मिलेगी. पाकिस्तान ने दोनों देशों के प्रतिनिधियों को 10 अप्रैल को इस्लामाबाद में अगली बातचीत के लिए बुलाया है. इस शांति प्रक्रिया से खाड़ी में रहने वाले भारतीय प्रवासियों और व्यापार पर भी सकारात्मक असर पड़ने की उम्मीद है क्योंकि समुद्री रास्ते फिर से खुल रहे हैं.
इस समझौते की मुख्य शर्तें और नियम क्या हैं?
पाकिस्तान की कोशिशों से हुए इस समझौते के तहत ईरान और अमेरिका ने अपनी सैन्य गतिविधियों को कम करने पर सहमति जताई है. ईरान ने पाकिस्तान के जरिए यह गारंटी दी है कि उसके सहयोगी गुट हमले बंद रखेंगे. बदले में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर होने वाली एयरस्ट्राइक को फिलहाल रोकने का ऐलान किया है. मुख्य अपडेट इस प्रकार हैं:
- ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को दो हफ़्तों के लिए फिर से खोल दिया है.
- अमेरिका ने ईरान पर अपने सीधे सैन्य हमले बंद करने का वादा किया है.
- पाकिस्तान के प्रधानमंत्री और सेना प्रमुख असीम मुनीर इस पूरी डील की निगरानी कर रहे हैं.
- ईरान ने यमन और इराक में भी युद्धविराम का प्रस्ताव रखा है.
- संयुक्त राष्ट्र और ओमान जैसे देशों ने पाकिस्तान की इस पहल का स्वागत किया है.
लेबनान और इजराइल की तरफ से क्या प्रतिक्रिया आई है?
युद्धविराम की घोषणा के बाद भी लेबनान की स्थिति को लेकर उलझन बनी हुई है. पाकिस्तान का कहना है कि यह सीज़फायर लेबनान में भी लागू है, लेकिन इजराइल ने इसे मानने से इनकार कर दिया है. इजराइली प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने स्पष्ट किया है कि वे हिजबुल्ला के खिलाफ हमले जारी रखेंगे. वहीं अमेरिकी प्रशासन ने भी संकेत दिया है कि लेबनान में होने वाली कार्रवाई को इस समझौते से अलग रखा जा सकता है. इसी मतभेद के बीच लेबनान में ताजा हमले हुए हैं और हिजबुल्ला ने भी जवाबी रॉकेट दागे हैं, जिससे शांति की कोशिशों के बीच तनाव बना हुआ है.




