US-Iran Ceasefire: अमेरिका और ईरान के बीच सुलह में पाकिस्तान बना बिचौलिया, जयराम रमेश ने मोदी सरकार पर साधा निशाना.
अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्ते के संघर्ष विराम का ऐलान हुआ है। इस शांति समझौते में पाकिस्तान ने एक महत्वपूर्ण बिचौलिए की भूमिका निभाई है, जिसके बाद भारत में कांग्रेस ने मोदी सरकार पर तीखे हमले किए हैं। कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने कहा है कि पाकिस्तान का इस समझौते में शामिल होना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कूटनीति के लिए एक बड़ा झटका है। इस खबर के आते ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में 13% की भारी गिरावट दर्ज की गई है।
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अमेरिका-ईरान शांति समझौते की मुख्य बातें क्या हैं?
इस समझौते के तहत कई महत्वपूर्ण बदलाव और फैसले लिए गए हैं जिनका असर पूरी दुनिया पर पड़ेगा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ इस दो हफ्ते के संघर्ष विराम की घोषणा की है, जिसके पीछे पाकिस्तान की बड़ी भूमिका बताई जा रही है।
- संघर्ष विराम: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शांति की घोषणा की है, जो फिलहाल दो हफ्ते के लिए प्रभावी रहेगी।
- हॉर्मुज जलडमरूमध्य: ईरान इस रास्ते को पूरी तरह और सुरक्षित रूप से व्यापार के लिए खोलने पर सहमत हो गया है।
- तेल की कीमतें: समझौते की खबर मिलते ही मंगलवार रात तक अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क तेल की कीमतों में 13% की कमी आई है।
- पाकिस्तान की भूमिका: पाकिस्तानी प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif ने बताया कि पाकिस्तान ने दोनों देशों के बीच मध्यस्थता की है।
- अगली बैठक: शुक्रवार 10 अप्रैल 2026 को इस्लामाबाद में आगे की बातचीत के लिए दोनों देशों के प्रतिनिधि जुटेंगे।
विपक्ष ने केंद्र सरकार की विदेश नीति पर क्या कहा?
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने इस स्थिति को लेकर सरकार की आलोचना की है और इसे भारतीय कूटनीति के लिए नुकसानदायक बताया है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की यह भूमिका प्रधानमंत्री मोदी की व्यक्तिगत कूटनीति के लिए एक गंभीर झटका है।
| मुख्य बिंदु | विवरण |
|---|---|
| जयराम रमेश का बयान | उन्होंने कहा कि खुद को विश्वगुरु बताने वाले अब पूरी तरह बेनकाब हो गए हैं। |
| पुरानी बयानबाजी | रमेश ने विदेश मंत्री S. Jaishankar के उस बयान का जिक्र किया जिसमें उन्होंने भारत को मध्यस्थ या दलाल देश न होने की बात कही थी। |
| इजरायल का रुख | White House ने इजरायल की सहमति की पुष्टि की है, लेकिन इजरायल ने कहा है कि इसमें लेबनान शामिल नहीं है। |
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्ष के हमलों के बीच एक परोक्ष संकेत में कहा है कि पश्चिम एशिया के संघर्ष को लेकर स्वार्थ की राजनीति के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए। इस समझौते में पाकिस्तान के सेना प्रमुख Asim Munir की भूमिका को भी अहम माना जा रहा है, जिन्होंने पर्दे के पीछे से इस डील को अंतिम रूप देने में मदद की है।




