अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच पाकिस्तान ने शांति दूत की भूमिका निभाते हुए दोनों देशों को युद्धविराम के लिए मना लिया है। 8 अप्रैल 2026 को पाकिस्तान की मध्यस्थता के बाद अमेरिका और ईरान दो हफ्ते के लिए जंग रोकने पर सहमत हुए हैं। आज 10 अप्रैल को इस्लामाबाद में दोनों देशों के अधिकारियों के बीच बातचीत शुरू होगी। इस ऐतिहासिक पहल में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif और सेना प्रमुख Asim Munir का बड़ा हाथ माना जा रहा है।

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अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौते की खास बातें

विषय विवरण
युद्धविराम की अवधि दो सप्ताह (14 दिन)
मुख्य मध्यस्थ पाकिस्तान (PM Shehbaz Sharif और Asim Munir)
बैठक का स्थान इस्लामाबाद, पाकिस्तान
बैठक की तारीख 10 अप्रैल 2026

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने इस समझौते के लिए पाकिस्तान की लीडरशिप का शुक्रिया अदा किया है। ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के अनुरोध पर इस युद्धविराम को मंजूरी दी है। दक्षिण एशियाई रणनीतिक स्थिरता संस्थान (SASSI) की प्रमुख Maria Sultan ने बताया कि पाकिस्तान का यह रोल इलाके में परमाणु संतुलन और शांति बनाए रखने के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।

ईरान की शर्तें और पाकिस्तान की सुरक्षा तैयारी

ईरान ने शांति के लिए अपना 10 सूत्रीय प्लान पेश किया है जिसमें सभी क्षेत्रीय विवादों का निपटारा और उस पर लगे प्रतिबंधों को हटाना शामिल है। इसके अलावा ईरान ने Strait of Hormuz को फिर से खोलने और नुकसान के मुआवजे की भी मांग की है। पाकिस्तान ने सुरक्षा को देखते हुए अपनी नौसेना को Strait of Hormuz में पहले ही तैनात कर दिया है ताकि व्यापारिक जहाजों को कोई खतरा न हो। इस्लामाबाद में आज की बैठक के लिए भारी संख्या में पुलिस और जवानों की तैनाती की गई है ताकि सुरक्षा में कोई कमी न रहे। चीन को भी इस पूरे मामले में एक बड़े मददगार के तौर पर देखा जा रहा है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.