US-Iran Talks: पाकिस्तान की कोशिशों से बढ़ी सीजफायर की समय सीमा, ट्रंप ने दी चेतावनी, ईरान अब भी है नाराज

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव को रोकने के लिए पाकिस्तान ने बड़ी कोशिशें की हैं। दोनों देशों के बीच हुआ ceasefire 22 अप्रैल को खत्म होने वाला था, लेकिन अब इसे आगे बढ़ा दिया गया है। पाकिस्तान के सैन्य और नागरिक नेतृत्व के लोग इस मामले को सुलझाने और शांति बनाए रखने के लिए दोनों पक्षों से संपर्क में हैं।

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अमेरिका और ईरान के बीच क्या है पूरा मामला?

अमेरिका और ईरान के बीच पिछले दो हफ्तों से ceasefire चल रहा था, जिसकी समय सीमा 22 अप्रैल सुबह 4:50 बजे खत्म होनी थी। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने इस समय सीमा को आगे बढ़ा दिया है, लेकिन उन्होंने शर्त रखी है कि ईरान को अब एक प्रस्ताव देना होगा। ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर समझौता नहीं हुआ तो भारी बमबारी हो सकती है। इस बीच, अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों की नाकेबंदी जारी रखी है, जिसे ईरान ने ceasefire का उल्लंघन बताया है।

पाकिस्तान की कोशिशें और ईरान का रुख क्या है?

पाकिस्तान के विदेश मंत्री Ishaq Dar ने अमेरिकी अधिकारी Natalie A. Baker से मुलाकात की और बातचीत जारी रखने की अपील की। प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif ने सीजफायर बढ़ाने के लिए ट्रंप का शुक्रिया अदा किया है। दूसरी तरफ, ईरान अभी भी इस बात पर विचार कर रहा है कि वह इस्लामाबाद में होने वाली बातचीत में शामिल होगा या नहीं। ईरान के मुख्य वार्ताकार Mohammad Bagher Qalibaf ने कहा है कि वह धमकियों के साये में बातचीत नहीं करेंगे और उनके पास अब नए विकल्प मौजूद हैं।

क्या इस्लामाबाद में होगी हाई लेवल बैठक?

इस्लामाबाद में सुरक्षा बढ़ा दी गई है ताकि हाई लेवल मीटिंग की तैयारी की जा सके। हालांकि, ईरान के सरकारी टीवी ने इस बात से इनकार किया है कि उनकी कोई टीम वहां पहुंची है। अमेरिका के उपराष्ट्रपति JD Vance भी मंगलवार को पाकिस्तान नहीं गए। फिलहाल स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है और सबकी नजरें इस बात पर हैं कि ईरान बातचीत के लिए अपनी टीम भेजता है या नहीं।