अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध को खत्म करने के लिए पाकिस्तान अपनी तरफ से पूरी कोशिश कर रहा है. 7 अप्रैल 2026 तक पाकिस्तान दोनों देशों को बातचीत की मेज पर लाने में जुटा है. इधर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को समझौते के लिए आज रात 8 बजे तक का समय दिया है. अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा है कि अमेरिका ने इस युद्ध में अपने सैन्य लक्ष्य पूरे कर लिए हैं और अब ईरान के जवाब का इंतज़ार है.
समझौते को लेकर पाकिस्तान और अन्य देशों की क्या भूमिका है?
पाकिस्तान, मिस्र और तुर्की मिलकर एक शांति प्रस्ताव पर काम कर रहे हैं. पाकिस्तान ने Islamabad Accord के नाम से एक ढांचा तैयार किया है, जिसमें तुरंत युद्ध रोकने और फिर अगले 15 से 20 दिनों में बड़े मसलों पर बातचीत करने का सुझाव दिया गया है. पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने कहा है कि तमाम बाधाओं के बावजूद वे शांति के लिए कोशिश जारी रखेंगे. पाकिस्तान ने अपना यह प्रस्ताव ईरान के विदेश मंत्री और अमेरिकी दूत को भेज दिया है.
ईरान की शर्तें और मौजूदा स्थिति क्या है?
ईरान ने 45 दिनों के अस्थायी युद्धविराम के प्रस्ताव को ठुकरा दिया है और वह चाहता है कि युद्ध को हमेशा के लिए खत्म किया जाए. ईरान की मुख्य शर्तों को नीचे दी गई तालिका में समझा जा सकता है:
| विषय | ईरान की मांग |
|---|---|
| युद्धविराम | अस्थायी के बजाय स्थायी शांति होनी चाहिए |
| समुद्री रास्ता | Strait of Hormuz को तभी खोलेंगे जब युद्ध खत्म होगा |
| आर्थिक स्थिति | प्रतिबंध हटाए जाएं और पुनर्निर्माण में मदद मिले |
| सहमति पत्र | ईरान ने 10 मुख्य बिंदुओं वाला जवाब भेजा है |
आज रात 8 बजे क्या हो सकता है?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर आज रात 8 बजे तक समझौता नहीं हुआ, तो वे और भी बड़े हमले कर सकते हैं. अमेरिका ने धमकी दी है कि अगर ईरान शर्तों को नहीं मानता है तो वह उसके बिजली घरों और पुलों को पूरी तरह तबाह कर देगा. फिलहाल खबरें हैं कि ईरान के रेल नेटवर्क और कुछ पुलों को पहले ही निशाना बनाया जा चुका है. खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों के लिए यह खबर अहम है क्योंकि युद्ध की स्थिति में उड़ानों और पेट्रोल के दाम पर बड़ा असर पड़ता है.
