पाकिस्तान इस वक्त दुनिया के दो बड़े देशों अमेरिका और ईरान के बीच बीच-बचाव करने में जुटा है। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ कोशिश कर रहे हैं कि इन दोनों देशों के बीच तनाव कम हो और शांति बनी रहे। इसी के साथ पाकिस्तान ने UAE का एक बड़ा कर्ज भी चुका दिया है, जिसमें सऊदी अरब ने उसकी आर्थिक मदद की है।
अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तान की क्या भूमिका है?
प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif ने बताया कि पाकिस्तान मिडिल ईस्ट में तनाव कम करने के लिए लगातार डिप्लोमेटिक कोशिशें कर रहा है। अप्रैल के महीने में इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच 21 घंटे तक बातचीत हुई थी। इससे पहले 8 अप्रैल को पाकिस्तान ने एक दो हफ्ते के युद्धविराम (ceasefire) में भी मदद की थी।
- नया फॉर्मूला: पाकिस्तान अब Strait of Hormuz और परमाणु कार्यक्रम जैसे मुद्दों को सुलझाने के लिए एक नया तरीका खोज रहा है।
- ईरान का पक्ष: ईरान चाहता है कि पहले Strait of Hormuz का मामला हल किया जाए क्योंकि यह आसान है।
- अमेरिका का पक्ष: अमेरिका चाहता है कि परमाणु मुद्दे और Strait of Hormuz दोनों पर एक साथ समझौता हो।
UAE का कर्ज और विदेशी मुद्रा भंडार का क्या हिसाब है?
पाकिस्तान ने 24 अप्रैल 2026 तक UAE को उसका 3.5 बिलियन डॉलर का कर्ज पूरी तरह चुका दिया है। इस भुगतान के लिए पाकिस्तान को सऊदी अरब से 3 बिलियन डॉलर की मदद मिली। स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान ने बताया कि 23 अप्रैल को अबू धाबी फंड फॉर डेवलपमेंट को 1 बिलियन डॉलर का भुगतान कर इस प्रक्रिया को पूरा किया गया।
| विवरण | राशि/डेटा |
|---|---|
| UAE को कुल भुगतान | 3.5 बिलियन डॉलर |
| सऊदी अरब से नई मदद | 3 बिलियन डॉलर |
| सऊदी डिपॉजिट का विस्तार | 5 बिलियन डॉलर |
| कुल लिक्विड रिजर्व (17 अप्रैल) | 20.63 बिलियन डॉलर |
| SBP रिजर्व (17 अप्रैल) | 15.0976 बिलियन डॉलर |
प्रधानमंत्री शरीफ ने इस मदद के लिए सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान का शुक्रिया अदा किया है। इससे पहले अप्रैल के पहले हफ्ते में यूरोबॉन्ड भुगतान की वजह से पाकिस्तान के रिजर्व में थोड़ी गिरावट आई थी, लेकिन बाद में इसमें सुधार हुआ।
Frequently Asked Questions (FAQs)
पाकिस्तान ने UAE का कर्ज कैसे चुकाया?
पाकिस्तान ने सऊदी अरब से मिले 3 बिलियन डॉलर के नए कर्ज और अन्य फंड्स की मदद से 24 अप्रैल 2026 तक UAE का 3.5 बिलियन डॉलर का भुगतान पूरा किया।
अमेरिका और ईरान के बीच मुख्य विवाद क्या है?
दोनों देशों के बीच मुख्य विवाद Strait of Hormuz की सुरक्षा और ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर है, जिसे सुलझाने के लिए पाकिस्तान मध्यस्थता कर रहा है।