अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव को खत्म करने के लिए अब पाकिस्तान बीच में आया है। सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान ने इस मामले पर पाकिस्तान के विदेश मंत्री मोहम्मद इसहाक डार से फोन पर बात की। दोनों देशों ने कहा कि बातचीत के जरिए ही मसलों को सुलझाना सही है ताकि पूरे इलाके में शांति लौट सके।
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पाकिस्तान कैसे कर रहा है अमेरिका और ईरान की सुलह?
पाकिस्तान इस समय अमेरिका और ईरान के बीच एक आधिकारिक मध्यस्थ (official mediator) की भूमिका निभा रहा है। 11 मई 2026 को पाकिस्तान के डिप्टी प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री मोहम्मद इसहाक डार ने इस्लामाबाद में अमेरिकी चार्ज डी अफेयर्स नताली ए बेकर से मुलाकात की। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगई ने भी पाकिस्तान को आधिकारिक मध्यस्थ बताया है। पाकिस्तान की सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर ने भरोसा जताया है कि वह इस बातचीत को सफल बनाने के लिए लगातार कोशिश कर रहे हैं।
ईरान ने अमेरिका के सामने क्या शर्तें रखी हैं?
ईरान ने 10 मई 2026 को पाकिस्तान के जरिए अमेरिका को अपना आधिकारिक जवाब भेजा। इस प्रस्ताव में ईरान ने कुछ मुख्य मांगें रखी हैं:
- इलाके में हो रही लड़ाई को पूरी तरह खत्म करना।
- अमेरिका द्वारा लगाई गई नाकेबंदी (blockade) को हटाना।
- ईरान की जमी हुई संपत्तियों को वापस करना।
- होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से जहाजों का रास्ता सुरक्षित करना।
ईरान ने साफ किया है कि उसकी पहली प्राथमिकता युद्ध को रोकना है, परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत बाद में होगी। हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के इस जवाब को पूरी तरह से अस्वीकार्य बताया है।
सऊदी अरब और अन्य देशों का इस पर क्या कहना है?
सऊदी अरब इस पूरी कोशिश का समर्थन कर रहा है। विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान ने पाकिस्तान के साथ-साथ ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची से भी फोन पर चर्चा की। सऊदी अरब का मानना है कि डिप्लोमैटिक समाधान ही सबसे बेहतर रास्ता है। इसके अलावा कतर, तुर्की, नीदरलैंड और मिस्र जैसे देश भी दोनों पक्षों के संपर्क में हैं और अपने सुझाव साझा कर रहे हैं। ईरान ने चेतावनी भी दी है कि जो देश अमेरिका की पाबंदियों को लागू करेंगे, उन्हें होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने में दिक्कत आएगी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तान की क्या भूमिका है?
पाकिस्तान एक आधिकारिक मध्यस्थ के रूप में काम कर रहा है। वह दोनों देशों के बीच संदेश और प्रस्ताव पहुँचाने का काम कर रहा है ताकि युद्ध को रोका जा सके।
ईरान के प्रस्ताव पर अमेरिका की क्या प्रतिक्रिया रही?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के ताजा प्रस्ताव को पूरी तरह से अस्वीकार्य बताया है।
