अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। पाकिस्तान दोनों देशों के बीच बीच-बचाव कर रहा है ताकि समुद्री नाकाबंदी खत्म हो और बातचीत फिर से शुरू हो सके। हालांकि ईरान ने फिलहाल नए दौर की बातचीत के लिए मना कर दिया है, लेकिन पाकिस्तान की कोशिशें जारी हैं।

ईरान ने बातचीत से मना क्यों किया?

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baghaei ने कहा है कि अमेरिका ने युद्धविराम (ceasefire) का उल्लंघन किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका ने 13 अप्रैल से Strait of Hormuz की नाकाबंदी कर रखी है और एक ईरानी जहाज़ को भी पकड़ लिया है। ईरान का मानना है कि अमेरिका की मांगें बहुत ज़्यादा हैं और वे इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन मानते हैं।

पाकिस्तान और अमेरिका का क्या स्टैंड है?

पाकिस्तान के आर्मी चीफ Asim Munir ने राष्ट्रपति Donald Trump से फोन पर बात की और बताया कि नाकाबंदी शांति वार्ता में बड़ी बाधा है। दूसरी तरफ, डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उनके प्रतिनिधि बातचीत के लिए पाकिस्तान जा रहे हैं, लेकिन साथ ही उन्होंने ईरान की बिजली और ऊर्जा सुविधाओं पर बमबारी करने की धमकी भी दी है।

विवरण जानकारी
युद्धविराम की समयसीमा 8 अप्रैल से 22 अप्रैल 2026
पहली बातचीत 11-12 अप्रैल (इस्लामाबाद)
मुख्य विवादित मुद्दे परमाणु कार्यक्रम और Strait of Hormuz
पाकिस्तान का लक्ष्य अस्थायी समझौता (MoU) कराना
ईरान की मांग 10 सूत्री प्रस्ताव और फ्रेमवर्क एग्रीमेंट
Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.