Pakistan दुनिया में शांति लाने के लिए एक बड़ा कदम उठा रहा है. पाकिस्तान ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत कराने की कोशिश कर रहा है ताकि मिडिल ईस्ट में तनाव कम हो सके. प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इसके लिए कई देशों के नेताओं से बात की है, लेकिन अमेरिका और ईरान के बीच कड़े रुख की वजह से यह काम मुश्किल हो रहा है.

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क्या पाकिस्तान ईरान और अमेरिका के बीच समझौता करा पाएगा?

पाकिस्तान खुद को एक ईमानदार मध्यस्थ के रूप में पेश कर रहा है. 25 अप्रैल 2026 को प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन से फोन पर बात की थी. इस बातचीत में उन्होंने शांति और स्थिरता की बात कही. हालांकि, ईरान का कहना है कि वह दबाव या धमकी में आकर बातचीत नहीं करेगा. दूसरी तरफ, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने दूतों स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर का पाकिस्तान दौरा रद्द कर दिया है. ट्रंप का कहना है कि बिना किसी बड़ी कामयाबी के वह अपना समय बर्बाद नहीं करेंगे.

शांति प्रयासों में किन देशों की क्या भूमिका है?

  • सऊदी अरब: सऊदी अरब और पाकिस्तान इस मामले में एक साथ हैं. क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान और शहबाज शरीफ ने तनाव कम करने के लिए कूटनीतिक कोशिशों को जरूरी बताया है.
  • ईरान: ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची इस्लामाबाद आए हैं ताकि तनाव कम करने के प्लान पर तकनीकी चर्चा की जा सके.
  • इसराइल: दक्षिण लेबनान में इसराइल की सैन्य कार्रवाई ने शांति की प्रक्रिया को और मुश्किल बना दिया है.
  • ओमान: कूटनीतिक मुलाकातों को सफल बनाने में ओमान ने भी मदद की है.

पाकिस्तान के विदेश मंत्री मोहम्मद इसहाक डार ने मीडिया से कहा है कि लोग अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल सरकारी बयानों पर भरोसा करें. पाकिस्तान के उच्च स्तरीय सूत्रों ने यह भी कहा कि क्षेत्रीय युद्धविराम अभी भी लागू है और अमेरिका की ओर से इसे खत्म करने का कोई आधिकारिक नोटिस नहीं मिला है.

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.