US-Iran Deal: अमेरिका और ईरान के बीच समझौता कराने में पाकिस्तान करेगा बड़ी मदद, ट्रंप दे सकते हैं इस्लामाबाद का दौरा
अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से चल रहे तनाव को खत्म करने के लिए पाकिस्तान एक अहम भूमिका निभा रहा है. पाकिस्तान ने साफ कर दिया है कि वह इस डील को सफल बनाने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार है. खबर है कि दोनों देशों के बीच पर्दे के पीछे बातचीत चल रही है और बहुत जल्द एक बड़ा समझौता हो सकता है.
पाकिस्तान की मध्यस्थता और डील की स्थिति क्या है?
पाकिस्तान के राजनयिक सूत्रों के मुताबिक, अमेरिका और ईरान के बीच गुप्त बातचीत में अच्छी प्रगति हुई है. माना जा रहा है कि पहले एक समझौता ज्ञापन (MoU) साइन होगा और उसके बाद अगले 60 दिनों के भीतर पूरी डील फाइनल कर ली जाएगी. ईरान के राजदूत ने भी इस्लामाबाद को बातचीत के लिए सबसे भरोसेमंद जगह बताया है.
डोनाल्ड ट्रंप और ईरान का इस पर क्या कहना है?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उम्मीद जताई है कि डील बहुत जल्द, शायद एक-दो दिन में हो जाएगी. उन्होंने कहा कि ईरान परमाणु हथियारों को न बनाने की बात पर सहमत हो गया है. वहीं, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराक्ची ने बताया कि लेबनान में युद्धविराम के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य को व्यापारिक जहाजों के लिए खोल दिया गया है.
| मुख्य व्यक्ति/देश | अपडेट/बयान | तारीख |
|---|---|---|
| डोनाल्ड ट्रंप | डील जल्द होने की उम्मीद, इस्लामाबाद दौरे पर विचार | 17 अप्रैल 2026 |
| पाकिस्तान | डील कराने के लिए हर संभव मदद को तैयार | 17 अप्रैल 2026 |
| ईरान | होर्मुज जलडमरूमध्य को व्यापारिक जहाजों के लिए खोला | 17 अप्रैल 2026 |
| व्हाइट हाउस | वरिष्ठ अधिकारियों का इस्लामाबाद जाना संभव | 17 अप्रैल 2026 |
| अब्बास अराक्ची | लेबनान युद्धविराम के बाद व्यापारिक मार्ग खुला | 17 अप्रैल 2026 |
| शेहबाज शरीफ | लेबनान में युद्धविराम का स्वागत किया | 17 अप्रैल 2026 |
| अल जज़ीरा | परमाणु कार्यक्रम पर बड़ी कामयाबी की उम्मीद | 17 अप्रैल 2026 |
अमेरिकी प्रशासन अब अपने वरिष्ठ अधिकारियों जैसे जेडी वेंस और स्टीव विटकॉफ को दोबारा पाकिस्तान भेजने पर विचार कर रहा है. हालांकि, ट्रंप ने यह भी साफ किया है कि जब तक ईरान के साथ लेन-देन 100% पूरा नहीं हो जाता, तब तक ईरानी बंदरगाहों की तरफ जाने वाले जहाजों की सैन्य नाकाबंदी जारी रहेगी.