Pakistan इस वक्त दुनिया के दो बड़े देशों, अमेरिका और ईरान के बीच शांति बनाने की कोशिश कर रहा है। 2 मई 2026 को यह खबर सामने आई कि ईरान ने अमेरिका के साथ शांति बातचीत के लिए एक नया प्रस्ताव पाकिस्तान के जरिए भेजा है। पाकिस्तान का मुख्य मकसद पूरे इलाके में तनाव को कम करना और स्थिरता लाना है ताकि आम लोगों को परेशानी न हो।

पाकिस्तान ने किन देशों के साथ की बातचीत?

क्षेत्र में शांति लाने के लिए पाकिस्तान के बड़े अधिकारी लगातार दुनिया के ताकतवर देशों के संपर्क में हैं। इसकी कुछ अहम जानकारियां नीचे दी गई हैं:

  • विदेश मंत्री Ishaq Dar ने कुवैत के शेख जराह जाबेर अल-अहमद अल-सबाह और सऊदी अरब के राजदूत नवाफ बिन सईद अल-मल्की से मुलाकात कर शांति पर चर्चा की।
  • ब्रिटेन की होम सेक्रेटरी यवेट कूपर ने भी पाकिस्तान की इन कोशिशों की तारीफ की है।
  • प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif ने यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और ईरान के राष्ट्रपति पेज़ेश्कियन से अलग-अलग फोन कॉल पर बात की और शांति का रास्ता निकालने पर जोर दिया।

अमेरिका और ईरान विवाद पर क्या है ताज़ा अपडेट?

पाकिस्तान के विदेश कार्यालय के प्रवक्ता ताहिर अंदाराबी ने 30 अप्रैल को यह साफ किया कि अमेरिका और ईरान के बीच विवाद सुलझाने के लिए बातचीत अभी रुकी नहीं है। उन्होंने उम्मीद जताई कि दोनों देश बातचीत के जरिए इस मसले को हल कर लेंगे। वहीं, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक में पाकिस्तान के प्रतिनिधि आसिम इफ्तिखार अहमद ने भी सभी देशों से संयम बरतने और डिप्लोमेसी का रास्ता अपनाने की अपील की। पाकिस्तान इस समय एक पुल की तरह काम कर रहा है ताकि दोनों देशों के बीच गलतफहमियां दूर हों और युद्ध जैसी स्थिति न बने।

Frequently Asked Questions (FAQs)

पाकिस्तान अमेरिका और ईरान के बीच क्या भूमिका निभा रहा है?

पाकिस्तान एक मध्यस्थ (mediator) के रूप में काम कर रहा है और दोनों देशों के बीच बातचीत शुरू करवाकर तनाव को कम करने की कोशिश कर रहा है।

ईरान ने पाकिस्तान के जरिए क्या भेजा है?

2 मई 2026 को ईरान ने अमेरिका के साथ शांति वार्ता के लिए एक नया प्रस्ताव पाकिस्तान को भेजा है।