अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध को रोकने के लिए पाकिस्तान ने बड़ी जिम्मेदारी ली है. दोनों देशों के बीच तनाव कम करने के लिए पाकिस्तान अब बिचौलिये की भूमिका निभा रहा है. हाल ही में पाकिस्तानी अधिकारियों ने तेहरान का दौरा किया है ताकि शांति समझौते को जल्द पूरा किया जा सके.
पाकिस्तान शांति के लिए क्या कर रहा है?
- पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif ने भरोसा जताया है कि दूसरी दौर की सीधी बातचीत से स्थायी शांति समझौता हो सकता है.
- पाकिस्तान के आंतरिक मंत्री Mohsin Naqvi 16 मई 2026 को तेहरान पहुंचे थे ताकि रुकी हुई बातचीत को फिर से शुरू कराया जा सके.
- इससे पहले अप्रैल में पाकिस्तान के सेना प्रमुख ने भी ईरान की यात्रा की थी.
- इस्लामाबाद में 11 और 12 अप्रैल को पहली दौर की बातचीत हुई थी, लेकिन उस समय कोई औपचारिक समझौता नहीं हो पाया था.
अमेरिका और ईरान के बीच क्या विवाद है?
- अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने 17 मई को चेतावनी दी कि अगर जल्द समझौता नहीं हुआ तो ईरान को बहुत बुरा वक्त देखना पड़ेगा.
- ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने कहा कि अमेरिका पर भरोसा न होना बातचीत में सबसे बड़ी बाधा है.
- ईरान ने 10 मई को अमेरिका के 14 पॉइंट वाले शांति प्रस्ताव का जवाब भेजा था, जिसमें परमाणु कार्यक्रम और प्रतिबंधों में ढील की बात है.
- अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों की घेराबंदी कर रखी है, जिसे ईरान गलत मानता है.
Strait of Hormuz और समुद्री रास्ता
- ईरान ने Strait of Hormuz के आसपास पाबंदियां लगाई हैं और ट्रैफिक मैनेज करने के लिए नया सिस्टम बनाया है.
- ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने संकेत दिया है कि युद्ध खत्म होने के बाद इस समुद्री रास्ते पर यातायात फिर से सामान्य हो जाएगा.
- यूरोपीय देश भी जहाजों के सुरक्षित आने-जाने के लिए ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) से बातचीत कर रहे हैं.
Frequently Asked Questions (FAQs)
अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध कब शुरू हुआ था?
यह युद्ध 28 फरवरी 2026 को शुरू हुआ था और पाकिस्तान की मदद से 8 अप्रैल 2026 को दो हफ्ते का युद्धविराम (ceasefire) लागू किया गया था.
शांति प्रस्ताव में किन मुख्य बातों पर चर्चा हो रही है?
शांति प्रस्ताव के 14 पॉइंट में ईरान के परमाणु कार्यक्रम, अमेरिका द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों को हटाना और Strait of Hormuz से जहाजों के सुरक्षित गुजरने जैसे मुद्दे शामिल हैं.
