पश्चिम एशिया और फारस की खाड़ी में बढ़ते तनाव को कम करने के लिए पाकिस्तान अब बड़े स्तर पर मोर्चा संभाल रहा है। पाकिस्तान अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत शुरू करवाकर युद्ध को रोकने की कोशिश कर रहा है। हाल ही में ईरान के विदेश मंत्री इस्लामाबाद पहुंचे हैं ताकि शांति के लिए जरूरी शर्तों पर चर्चा की जा सके और क्षेत्र में स्थिरता लाई जा सके।
पाकिस्तान युद्ध रोकने के लिए क्या कर रहा है?
पाकिस्तान इस समय अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता कर रहा है। कुवैत में पाकिस्तान के राजदूत Dr. Zafar Iqbal ने साफ किया कि उनका देश बातचीत के जरिए तनाव कम करने के हर प्रयास का समर्थन करता है। पाकिस्तान चाहता है कि अंतरराष्ट्रीय कानूनों के तहत व्यापार और समुद्री रास्तों से जहाजों की आवाजाही सुरक्षित रहे। इसके लिए पाकिस्तान कई क्षेत्रीय देशों के संपर्क में है और युद्ध को रोकने के लिए कोशिशें जारी हैं।
ईरान के विदेश मंत्री की पाकिस्तान यात्रा का क्या मकसद है?
ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi खास तौर पर इस्लामाबाद पहुंचे हैं। उन्होंने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif और आर्मी चीफ Field Marshal Asim Munir के साथ अहम बैठकें की हैं। इस मुलाकात के दौरान उन्होंने युद्ध खत्म करने के लिए ईरान की शर्तें रखीं और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए मिलकर काम करने की बात कही। उन्होंने पश्चिम एशिया में शांति लाने के लिए पाकिस्तान की कूटनीतिक भूमिका की तारीफ भी की।
कुवैत और अन्य देशों का इस पर क्या कहना है?
कुवैत के क्राउन प्रिंस और विदेश मंत्री Sheikh Jarrah Jaber Al-Ahmad Al-Sabah ने पाकिस्तान की इन कोशिशों का पूरा समर्थन किया है। इसके अलावा, पाकिस्तान के विदेश मंत्री Mohammad Ishaq Dar ने तुर्की और मिस्र के विदेश मंत्रियों से भी फोन पर बात की है। इन सभी देशों का मानना है कि केवल बातचीत और कूटनीति के जरिए ही इस विवाद का हल निकाला जा सकता है। पाकिस्तान ने पिछले कुछ समय में पर्दे के पीछे रहकर ऐसी कोशिशें की हैं जिससे एक अस्थायी युद्धविराम संभव हो सका है।