Strait of Hormuz को लेकर पाकिस्तान ने बड़ी कूटनीतिक जीत हासिल की है. अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव को कम करने के लिए पाकिस्तान ने बीच-बचाव किया, जिसका अब सकारात्मक असर दिख रहा है. दुनिया के बड़े देशों और नेताओं ने इस कोशिश का स्वागत किया है, जिससे समुद्री व्यापार में राहत मिलने की उम्मीद है.
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अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने में पाकिस्तान का क्या रोल रहा?
- US President Donald Trump ने बताया कि पाकिस्तान और कुछ अन्य देशों के अनुरोध पर Strait of Hormuz में सीज़फायर किया गया.
- पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif ने US के “Project Freedom” को अस्थायी रूप से रोकने का स्वागत किया और उम्मीद जताई कि इससे स्थायी शांति आएगी.
- ईरानी विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने पुष्टि की कि पाकिस्तान अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत करवाने की कोशिश कर रहा है, हालांकि यह रास्ता काफी कठिन है.
- चीन के राष्ट्रपति Xi Jinping और अमेरिका के बीच इस बात पर सहमति बनी कि ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होने चाहिए और Strait of Hormuz हमेशा खुला रहना चाहिए.
जहाजों की आवाजाही और व्यापार पर क्या असर पड़ा?
- पाकिस्तान के विदेश मंत्री Ishaq Dar के अनुसार, ईरान ने 20 और पाकिस्तानी जहाजों को Strait of Hormuz से गुजरने की अनुमति दे दी.
- CNN की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले कुछ समय में तीन पाकिस्तानी तेल टैंकर वहां से सुरक्षित निकल चुके हैं, जिसे पाकिस्तान की डिप्लोमेसी की जीत माना जा रहा है.
- ईरानी राज्य टेलीविजन ने बताया कि पाकिस्तान और पूर्व एशियाई देशों के जहाजों के सफल पार होने के बाद अब यूरोपीय देश भी ईरान के साथ बातचीत कर रहे हैं.
शांति के लिए पाकिस्तान ने क्या कदम उठाए?
- पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र (UN) में अपील की थी कि इस संकट को तुरंत खत्म किया जाए और सभी पक्ष आपस में बातचीत शुरू करें.
- एक रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान ने यह प्रस्ताव दिया था कि अगर ईरान Strait of Hormuz को खोलता है, तो उस पर लगे कुछ प्रतिबंधों को हटाया जा सकता है.
- पाकिस्तान ने GCC देशों के साथ अपनी एकजुटता जताई और नागरिक जहाजों की सुरक्षित आवाजाही की मांग की.
Frequently Asked Questions (FAQs)
Strait of Hormuz के मामले में अमेरिका ने क्या फैसला लिया?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बताया कि पाकिस्तान और अन्य देशों के अनुरोध पर वहां सीज़फायर लागू किया गया और उन्होंने चीन के साथ मिलकर इस रास्ते को खुला रखने पर सहमति जताई.
क्या अब अन्य देशों के जहाज भी वहां से गुजर सकेंगे?
हाँ, पाकिस्तान और पूर्व एशियाई देशों के जहाजों की सफल आवाजाही के बाद अब यूरोपीय देश भी ईरान के साथ बातचीत कर रहे हैं ताकि उनके जहाजों को भी रास्ता मिल सके.
