दुनिया की नजरें अब पाकिस्तान पर हैं क्योंकि वह अमेरिका और ईरान के बीच बीच-बचाव करने की कोशिश कर रहा है. पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने ईरान की राजधानी तेहरान का गुप्त दौरा किया है. उनका मकसद दोनों देशों के बीच रुकी हुई बातचीत को फिर से शुरू कराना है ताकि क्षेत्र में तनाव कम हो सके और शांति बनी रहे.

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पाकिस्तान ने ईरान में क्या तैयारी की है

  • गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने 16 मई 2026 को अचानक तेहरान का दो दिवसीय दौरा किया.
  • उन्होंने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन के साथ 90 मिनट की निजी बैठक की.
  • इस मीटिंग में ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाकर गलीबाफ और गृह मंत्री एस्कंदर मोमेनी भी शामिल थे.
  • बातचीत का मुख्य केंद्र अमेरिका और ईरान के बीच रुकी हुई शांति वार्ता को फिर से पटरी पर लाना था.

अमेरिका और ईरान की शर्तें क्या हैं

दोनों देशों के बीच गहरी असहमति है जिसके कारण बातचीत अटकी हुई है. अमेरिका और ईरान ने अपनी शर्तें स्पष्ट कर दी हैं जिन्हें नीचे दी गई टेबल में देखा जा सकता है.

अमेरिका की शर्तें ईरान की शर्तें
केवल एक परमाणु केंद्र चालू रखने की अनुमति सभी मोर्चों पर युद्ध का अंत
400 किलो यूरेनियम अमेरिका को सौंपना सभी आर्थिक प्रतिबंध हटाना
जमी हुई संपत्ति का भुगतान न करना जमी हुई संपत्ति वापस मिलना
मुआवजा देने से इनकार युद्ध से हुए नुकसान का मुआवजा
वार्ता के नतीजे के बाद ही युद्ध विराम होर्मुज जलडमरूमध्य पर संप्रभुता की मान्यता

दुनिया के अन्य देशों का क्या रुख है

इस तनावपूर्ण स्थिति पर दुनिया के कई बड़े देश नजर रख रहे हैं. रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और UAE के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने राजनीतिक और राजनयिक प्रयासों के महत्व पर जोर दिया है. उजबेकिस्तान के विदेश मंत्री बख्तियार सईदव ने भी क्षेत्रीय शांति के लिए पाकिस्तान की मध्यस्थता की तारीफ की है. हालांकि 8 अप्रैल से एक कमजोर युद्धविराम लागू है लेकिन परमाणु कार्यक्रम और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों पर अब भी विवाद जारी है.

Frequently Asked Questions (FAQs)

पाकिस्तान अमेरिका और ईरान के बीच क्या भूमिका निभा रहा है

पाकिस्तान शटल डिप्लोमेसी का इस्तेमाल कर रहा है. इसके गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने तेहरान जाकर राष्ट्रपति पेज़ेशकियन से मुलाकात की ताकि अमेरिका और ईरान के बीच रुकी हुई शांति वार्ता दोबारा शुरू हो सके.

अमेरिका और ईरान के बीच मुख्य विवाद क्या है

मुख्य विवाद ईरान के यूरेनियम संवर्धन कार्यक्रम, जमी हुई संपत्तियों की वापसी और क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर है. अमेरिका परमाणु केंद्रों को सीमित करना चाहता है जबकि ईरान प्रतिबंधों की समाप्ति और संप्रभुता की मांग कर रहा है.