पाकिस्तान के पूर्वी इलाकों में मानसून की भारी बारिश ने तबाही मचा दी है। पंजाब प्रांत के Muridke जिले में हालात सबसे खराब हैं, जहां गांव के गांव पानी में डूब गए हैं। लोग नावों के सहारे अपनी जान बचाकर सुरक्षित जगहों पर जाने को मजबूर हैं। नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (NDMA) के मुताबिक, 26 जून 2026 से अब तक बाढ़ और घरों के गिरने जैसी घटनाओं में 109 लोगों की मौत हो चुकी है।

बाढ़ का खतरा बरकरार

पंजाब इरिगेशन डिपार्टमेंट के अधिकारियों के अनुसार, लाहौर और गुजरानवाला डिवीजन में लगभग 400 वर्ग किलोमीटर का इलाका पानी के नीचे है। रावी नदी में बाढ़ का स्तर मीडियम है, लेकिन आने वाले 24 घंटों में चेनाब और रावी नदियों में पानी का स्तर और बढ़ने की आशंका है। सरकार की ओर से लगातार स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

सरकार ने जारी किए सख्त निर्देश

पाकिस्तान मौसम विभाग (PMD) ने 29 जुलाई 2026 से एक और भारी मानसून दौर की चेतावनी दी है। इसे देखते हुए पंजाब सरकार ने पूरे प्रांत में 60 दिनों के लिए धारा 144 लगा दी है। इसके तहत अब जमा हुए बारिश के पानी में नहाना, तैरना या बिना अनुमति के नाव चलाना पूरी तरह बैन है। PDMA के डायरेक्टर जनरल Umar Mela ने प्रभावित इलाकों का दौरा किया और सुरक्षा के लिए जरूरी मरम्मत के निर्देश दिए। फिलहाल कई विस्थापित परिवार सड़क किनारे टेंट में रहने को मजबूर हैं, जहां उन्हें बिजली, साफ पानी और खाने की भारी कमी का सामना करना पड़ रहा है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.