पाकिस्तान में मॉनसून की भारी बारिश और बाढ़ ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। National Disaster Management Authority (NDMA) के अनुसार, जून से अब तक देश भर में कुल 107 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 344 लोग घायल हुए हैं। भारी वर्षा के कारण कई घरों को नुकसान पहुंचा है और स्थिति लगातार गंभीर बनी हुई है।
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सबसे अधिक प्रभावित इलाके और नुकसान
आंकड़ों के मुताबिक, Khyber Pakhtunkhwa में सबसे अधिक 55 लोगों की मौत हुई है, वहीं Punjab प्रांत में 36 लोगों ने अपनी जान गंवाई है। मौतों का मुख्य कारण घरों की छत ढहना, बिजली गिरना और करंट लगना रहा है। Khyber Pakhtunkhwa में 72 घर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं, जबकि Punjab में 52 घरों को आंशिक नुकसान पहुंचा है। बीते 24 घंटों में Noorpur Thal में 115mm, Gujranwala में 107mm और Gujrat में 94mm बारिश दर्ज की गई है। वहीं, Lahore में पिछले पांच दिनों में 450mm बारिश हुई है।
प्रशासन की तैयारी और राहत कार्य
प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif की Emergency Response Committee ने स्थिति की समीक्षा की है और अधिकारियों को राहत कार्यों में तालमेल बैठाने के निर्देश दिए हैं। Punjab की मुख्यमंत्री Maryam Nawaz Sharif ने आपातकालीन कर्मियों को तैनात किया है। प्रशासन ने Lahore में 17 राहत शिविर बनाए हैं और प्रभावित परिवारों के लिए वित्तीय सहायता की घोषणा की है। मौसम विभाग ने 29 जुलाई से एक और बारिश का दौर शुरू होने की चेतावनी दी है, जिसके चलते Gilgit-Baltistan और Khyber Pakhtunkhwa में Glacial Lake Outburst Flood (GLOF) का खतरा बढ़ गया है। Gilgit-Baltistan के कुछ हिस्सों में सड़कें बंद होने से जरूरी सामानों की कमी हो गई है।
