पाकिस्तान सरकार ने 2026 के लिए एक महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया है, जिसके तहत देश के नागरिकों के लिए 800,000 विदेशी रोजगार के अवसर सुरक्षित किए जाएंगे। यह आंकड़ा 2025 के 740,000 मानव संसाधन निर्यात से अधिक है, जो विदेशों में पाकिस्तानी श्रमिकों की बढ़ती मांग को दर्शाता है। इनमें से अधिकांश अवसर संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) देशों में मिलने की उम्मीद है। इस पहल से देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिलेगी, खासकर प्रेषण (remittances) के माध्यम से, जो विदेशी मुद्रा का एक महत्वपूर्ण स्रोत है।

विदेश में नौकरियों की संख्या क्यों बढ़ाई जा रही है?

पाकिस्तान सरकार अपने नागरिकों के लिए विदेशी रोजगार के अवसरों को लगातार बढ़ा रही है ताकि देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल सके और बेरोजगारी कम हो। 2026 में 800,000 नौकरियों का लक्ष्य 2025 के 740,000 मानव संसाधन निर्यात की तुलना में 60,000 अधिक है। यह बढ़ोतरी खाड़ी देशों और अन्य क्षेत्रों में पाकिस्तानी श्रमिकों की बढ़ती मांग को दर्शाती है।

वर्ष विदेश भेजे गए श्रमिक (अनुमानित)
2025 740,000
2026 800,000

कौन से प्रमुख बदलाव किए गए हैं?

इस पहल का समर्थन करने के लिए, सरकार कई सुधार लागू कर रही है:

  • कौशल विकास कार्यक्रम: श्रमिकों की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने के लिए कोरिया और जापान के सहयोग से सॉफ्ट-स्किल प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं।

  • महिलाओं के लिए आयु सीमा में कमी: विदेश में रोजगार चाहने वाली महिलाओं के लिए न्यूनतम आयु की आवश्यकता को 35 से घटाकर 25 वर्ष कर दिया गया है।

  • प्रेषण प्रणाली में सुधार: स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान के ‘रास्त’ भुगतान मंच के माध्यम से प्रेषण प्रणालियों में सुधार किया गया है, जिससे विनिमय कंपनियां लाभार्थियों के बैंक खातों और डिजिटल वॉलेट में तत्काल प्रेषण की सुविधा प्रदान कर सकेंगी।

इन कदमों से अर्थव्यवस्था को क्या फायदा होगा?

विदेशों में काम करने वाले पाकिस्तानी श्रमिक प्रेषण के माध्यम से अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। उदाहरण के लिए, कोरिया में कार्यरत एक पाकिस्तानी श्रमिक वर्तमान में पाकिस्तान को औसतन $1,800 प्रति माह प्रेषित करता है। विनिमय कंपनियां, जो प्रेषण की सुविधा प्रदान करती हैं, देश में सालाना $4.5 बिलियन तक का विदेशी मुद्रा प्रवाह लाती हैं। प्रवासी पाकिस्तानियों और मानव संसाधन विकास मंत्री चौधरी सालिक हुसैन ने जोर देकर कहा है कि इन व्यापक सुधारों का उद्देश्य प्रवासी पाकिस्तानियों द्वारा सामना की जाने वाली चुनौतियों का समाधान करना, कौशल विकास को बढ़ावा देना और बेहतर रोजगार के अवसर पैदा करना है।

अस्वीकरण: इस लेख में वित्तीय डेटा और बाजार संबंधी जानकारी शामिल है। पाठक किसी भी निवेश या वित्तीय निर्णय लेने से पहले विशेषज्ञों की सलाह लें।

Last Updated: 19 January 2026

GulfHindi Desk

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