पाकिस्तान इस समय तेल की भारी कमी और बढ़ती कीमतों की वजह से मुश्किल दौर से गुजर रहा है. देश के पेट्रोलियम मंत्री अली परवेज मलिक ने यह बात स्वीकार की है कि पाकिस्तान के पास भारत की तरह तेल का कोई बड़ा रणनीतिक भंडार नहीं है. इस कमी की वजह से जब भी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम बढ़ते हैं, तो पाकिस्तान की आम जनता को महंगाई का सीधा झटका लगता है.
भारत और पाकिस्तान के तेल भंडार में कितना अंतर है?
पेट्रोलियम मंत्री ने बताया कि पाकिस्तान के पास रणनीतिक तेल भंडार (Strategic Oil Reserves) नाम की कोई चीज़ नहीं है और उनके पास सिर्फ 5 से 7 दिनों का कच्चा तेल मौजूद है. वहीं, रिफाइंड तेल का स्टॉक केवल 20 से 21 दिनों तक चल सकता है. इसके मुकाबले भारत की स्थिति बहुत मजबूत है, क्योंकि भारत के पास लगभग 60 से 70 दिनों का तेल भंडार मौजूद है. भारत के पास विदेशी मुद्रा का अच्छा बैलेंस है और वह किसी अंतरराष्ट्रीय संस्था के दबाव में नहीं है, जिससे वह तेल की कीमतों को नियंत्रित कर पाता है.
पेट्रोल की कीमतों में बदलाव और जनता का विरोध
पाकिस्तान में तेल की कीमतों में अचानक बढ़ोतरी से लोग काफी परेशान रहे और सिंध समेत कई इलाकों में बड़े विरोध प्रदर्शन हुए. पेट्रोल की कीमत 458 से 459 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गई थी. इसके बाद प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने IMF से बातचीत की और पेट्रोल की कीमतों में 80 रुपये की कटौती कर इसे 378 रुपये प्रति लीटर किया. हालांकि, पेट्रोलियम डेवलपमेंट लेवी (PDL) को बढ़ाकर 107 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया, जिससे आम लोगों को ज्यादा राहत नहीं मिली.
तेल संकट से निपटने के लिए पाकिस्तान की नई तैयारी
सरकार ने अब भविष्य के लिए 90 दिनों का तेल बफर बनाने की योजना शुरू की है. इसके लिए 22 अप्रैल 2026 को एक हाई-लेवल कमेटी बनाई गई, जिसे 8 मई तक अपनी रिपोर्ट देनी है. इस नए सिस्टम के लिए पैसा जुटाने के लिए पेट्रोल और डीजल पर पेट्रोलियम डेवलपमेंट लेवी लगाने पर विचार किया जा रहा है. पाकिस्तान के पास फिलहाल केवल कमर्शियल इन्वेंट्री है जो 24 से 28 दिनों तक चल सकती है, लेकिन यह बड़े संकट को रोकने के लिए काफी नहीं है.
| विवरण | डेटा/कीमत |
|---|---|
| कच्चे तेल की कीमत | 126 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल |
| भारत का तेल भंडार | 60-70 दिन |
| पाकिस्तान का रणनीतिक भंडार | 5-7 दिन |
| पाकिस्तान का रिफाइंड भंडार | 20-21 दिन |
| पाकिस्तान का कमर्शियल स्टॉक | 24-28 दिन |
| अधिकतम पेट्रोल कीमत | 458-459 PKR |
| कटौती के बाद पेट्रोल कीमत | 378 PKR |
| पेट्रोलियम डेवलपमेंट लेवी (PDL) | 107 PKR |
Frequently Asked Questions (FAQs)
पाकिस्तान में पेट्रोल की कीमतें क्यों बढ़ रही हैं?
पाकिस्तान के पास तेल का पर्याप्त भंडार नहीं है और वह IMF की शर्तों से बंधा हुआ है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम $126 तक पहुँचने पर कीमतों में भारी उछाल आया।
पाकिस्तान सरकार तेल संकट को दूर करने के लिए क्या कर रही है?
सरकार ने 90 दिनों का रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार (SPR) बनाने की योजना बनाई है, जिसके लिए एक कमेटी गठित की गई है और इसके वित्तपोषण के लिए पेट्रोलियम लेवी का उपयोग किया जा सकता है।