पाकिस्तान में राजनीतिक माहौल काफी गरमा गया है। यहाँ की विपक्षी पार्टियों, खासकर PTI और महमूद खान अचकज़ई ने सरकार को पूरी तरह नाकाम बताया है। उनका आरोप है कि देश में महंगाई आसमान छू रही है और मीडिया की आवाज़ दबाई जा रही है।
महंगाई और मीडिया सेंसरशिप पर क्या हैं आरोप?
विपक्ष ने संघीय सरकार पर आर्थिक बदहाली के लिए सीधा आरोप लगाया है। PTI के केंद्रीय सूचना सचिव शेख वकास अकरम ने बताया कि महंगाई की दर सरकारी अनुमानों से कहीं ज़्यादा हो गई है, जिसकी वजह से आम जनता के लिए बुनियादी चीज़ें खरीदना मुश्किल हो गया है।
- मीडिया की स्थिति: Reporters Without Borders की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा गया कि पाकिस्तान में मीडिया की आज़ादी बहुत निचले स्तर पर पहुँच गई है।
- सेंसरशिप: विपक्ष का दावा है कि पत्रकारों को परेशान किया जा रहा है और सरकार द्वारा सेंसरशिप लागू की गई है।
इमरान खान की रिहाई और खुफिया एजेंसियों का मामला क्या है?
विपक्ष ने मांग की है कि पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को तुरंत रिहा किया जाए। PTI के महासचिव सलमान अकरम राजा ने कहा कि देश का आर्थिक भविष्य इमरान खान की रिहाई से ही जुड़ा है। वहीं, इमरान खान के वकील सलमान सफदर ने अदालत में अर्जी दी है कि उनकी आंखों की रोशनी 85% कम हो गई है और जेल की खराब स्थिति उनकी सेहत बिगाड़ रही है।
- खुफिया एजेंसियों को चेतावनी: नेशनल असेंबली के विपक्षी नेता महमूद खान अचकज़ई ने खुफिया एजेंसियों को राजनीति में दखल न देने की चेतावनी दी है।
- माइनस-इमरान फॉर्मूला: अचकज़ई ने कहा कि इमरान खान को राजनीति से बाहर करने की सारी कोशिशें नाकाम रही हैं और उनका गठबंधन इसका विरोध जारी रखेगा।
दूसरी तरफ, सरकार का कहना है कि PTI नेताओं और इमरान खान के खिलाफ जो भी कानूनी कार्रवाई हुई है, वह पूरी तरह कानून के मुताबिक की गई है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
पाकिस्तान में विपक्ष ने महंगाई को लेकर क्या आरोप लगाए हैं?
PTI ने आरोप लगाया है कि सरकार की अक्षमता के कारण महंगाई सरकारी आंकड़ों से कहीं ज़्यादा बढ़ गई है, जिससे आम नागरिकों के लिए बुनियादी ज़रूरतें पूरी करना नामुमकिन हो गया है।
इमरान खान की सेहत के बारे में क्या जानकारी सामने आई है?
इमरान खान के कानूनी दल ने दावा किया है कि उनकी एक आंख की रोशनी 85% तक कम हो गई है और उन्हें सोलिटरी कन्फाइनमेंट (अकेले बंद रखने) की वजह से गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।