पाकिस्तान के पेशावर में यूनिवर्सिटी के कर्मचारियों और रिटायर हो चुके लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है। मार्च महीने की सैलरी और पेंशन न मिलने की वजह से इन लोगों ने जामरुद रोड को पूरी तरह बंद कर दिया। हालत इतनी खराब है कि कुछ लोगों को आधी सैलरी भी नहीं मिली और पेंशनर्स को एक रुपया भी नहीं मिला।

पेशावर यूनिवर्सिटी में पैसों की कितनी बड़ी किल्लत है?

यूनिवर्सिटी की आर्थिक हालत बहुत खराब हो चुकी है। फैकल्टी के सदस्यों को मार्च की सैलरी का सिर्फ 40 प्रतिशत हिस्सा मिला है। वहीं रिटायर हो चुके कर्मचारियों को मार्च की पेंशन बिल्कुल नहीं मिली। यूनिवर्सिटी प्रशासन के पास अप्रैल से जुलाई तक की सैलरी देने के लिए भी संसाधन नहीं हैं।

विवरण जानकारी
फैकल्टी को मिली मार्च सैलरी 40 प्रतिशत
रिटायर कर्मचारियों की पेंशन 0 प्रतिशत
बकाया सैलरी राशि 131 मिलियन रुपये
बकाया पेंशन राशि 162 मिलियन रुपये
भविष्य का संकट काल अप्रैल से जुलाई तक
क्लास-III कर्मचारियों का विरोध 4 हफ्ते से जारी

कर्मचारियों की क्या मांग है और उन पर क्या असर पड़ा है?

Peshawar University Teachers Association (PUTA) और क्लास-III एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री Sohail Afridi से तुरंत आर्थिक मदद मांगी है। कर्मचारियों का कहना है कि पैसों की कमी की वजह से उन्हें घर का किराया, बिजली का बिल, बच्चों की पढ़ाई और स्वास्थ्य जैसे बुनियादी खर्चों में बहुत मुश्किल हो रही है।

  • क्लास-III एसोसिएशन के अध्यक्ष Imtiaz Khan ने कहा कि प्रशासन और सरकार कोई ठोस कदम नहीं उठा रहे हैं।
  • PUTA ने 27 अप्रैल 2026 को मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर इस वित्तीय संकट की जानकारी दी थी।
  • प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द भुगतान नहीं हुआ तो विरोध और तेज किया जाएगा।

Frequently Asked Questions (FAQs)

कर्मचारियों ने सड़क क्यों जाम की?

मार्च महीने की सैलरी और पेंशन न मिलने के कारण यूनिवर्सिटी के कर्मचारियों और रिटायर लोगों ने जामरुद रोड को ब्लॉक कर दिया।

यूनिवर्सिटी पर कुल कितना बकाया है?

यूनिवर्सिटी पर सैलरी के रूप में 131 मिलियन रुपये और पेंशन के रूप में 162 मिलियन रुपये का भुगतान बाकी है।