UAE में हुए मिसाइल और ड्रोन हमलों के बाद दुनिया भर में तनाव बढ़ गया है। इस बीच पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ ने शांति की अपील की है। उन्होंने अमेरिका और ईरान से कहा है कि वे युद्धविराम का सम्मान करें ताकि बातचीत के जरिए मसले हल हो सकें और इलाके में स्थिरता आए।

UAE पर हुए हमले की पूरी जानकारी क्या है?

UAE के रक्षा मंत्रालय ने जानकारी दी कि 4 मई 2026 को ईरान की तरफ से हमले किए गए। इस दौरान 12 बैलिस्टिक मिसाइल, 3 क्रूज मिसाइल और 4 ड्रोन दागे गए जिन्हें हवा में ही रोक लिया गया। ये हमले फुजैराह एनर्जी हब जैसे नागरिक ठिकानों पर थे जिससे 3 लोग घायल हुए। UAE के विदेश मंत्रालय ने इसे एक खतरनाक कदम और अस्वीकार्य उल्लंघन बताया है।

पाकिस्तान पीएम ने अमेरिका और ईरान से क्या अपील की है?

प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif ने UAE के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाह्यान के साथ अपनी एकजुटता जताई। उन्होंने कहा कि शांति के लिए ceasefire का पालन करना बहुत जरूरी है। उन्होंने खास तौर पर वाशिंगटन और तेहरान से 8 अप्रैल 2026 को तय हुए युद्धविराम के नियम को मानने को कहा ताकि डिप्लोमेसी के लिए जगह बने। पाकिस्तान इस समय तेहरान और वाशिंगटन के बीच बातचीत में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है।

सऊदी अरब और अमेरिका की क्या प्रतिक्रिया रही?

सऊदी क्राउन प्रिंस ने UAE के राष्ट्रपति से फोन पर बात कर अपना पूरा समर्थन दिया। वहीं सऊदी विदेश मंत्रालय ने नागरिक और आर्थिक सुविधाओं को निशाना बनाने की कड़ी निंदा की। दूसरी तरफ अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान के नेताओं के साथ सकारात्मक बातचीत का जिक्र किया है। अमेरिका ने 4 मई को होर्मुज जलडमरूमध्य में कमर्शियल जहाजों को सुरक्षित निकालने के प्रयास भी शुरू किए।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरान ने अमेरिका के सामने क्या मांग रखी है?

ईरान ने 14 सूत्रीय प्रस्ताव रखा है जिसमें अमेरिका से प्रतिबंध हटाने, नौसैनिक नाकाबंदी खत्म करने, क्षेत्र से सेना हटाने और सभी दुश्मनी रोकने की मांग की गई है।

UAE में हमले का क्या असर हुआ?

ईरान द्वारा दागे गए मिसाइलों और ड्रोन से फुजैराह एनर्जी हब जैसे नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया गया जिससे 3 लोग मध्यम रूप से घायल हुए।