पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif ने मिडिल ईस्ट में शांति लाने की कोशिशों पर अपनी बात रखी है। उन्होंने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने के लिए पर्दे के पीछे से काफी काम हो रहा है। लेकिन दूसरी तरफ, दुनिया भर में तेल की बढ़ती कीमतों ने पाकिस्तान की आर्थिक तरक्की की रफ्तार को धीमा कर दिया है।

मिडिल ईस्ट में शांति के लिए पाकिस्तान क्या कर रहा है?

  • प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif ने बताया कि इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच 21 घंटे लंबी बातचीत हुई, जिसमें पाकिस्तान ने अहम भूमिका निभाई।
  • इस कोशिश में विदेश मंत्री Ishaq Dar, आर्मी चीफ Asim Munir और इंटीरियर मिनिस्टर Mohsin Naqvi का खास योगदान रहा।
  • पाकिस्तान इस मामले में सऊदी अरब, GCC देशों, चीन, तुर्की, कतर और मिस्र के साथ मिलकर काम कर रहा है।
  • हाल ही में प्रधानमंत्री ने ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi के साथ दो घंटे की लंबी बैठक भी की ताकि तनाव को कम किया जा सके।

पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति और कर्ज का क्या हाल है?

प्रधानमंत्री ने चिंता जताई कि कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों की वजह से पाकिस्तान का आयात बिल बढ़ रहा है, जिससे अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ा है। उन्होंने बताया कि पिछले दो सालों से अमेरिका-ईरान युद्ध का असर देश की आर्थिक कोशिशों पर पड़ा है। हालांकि, कुछ राहत भरी खबरें भी आई हैं।

विवरण जानकारी
UAE को चुकाया गया कर्ज 3.5 बिलियन डॉलर
अर्थव्यवस्था की अनुमानित बढ़त 4 प्रतिशत
अमेरिका-ईरान बातचीत का समय 21 घंटे
ईरानी विदेश मंत्री के साथ बैठक 2 घंटे

सऊदी अरब की मदद से पाकिस्तान ने UAE का कर्ज चुकाया और अपने विदेशी मुद्रा भंडार को भी संभाल कर रखा। वहीं, फाइनेंस मिनिस्टर Muhammad Aurangzeb ने उम्मीद जताई है कि इस साल अर्थव्यवस्था में 4 प्रतिशत की बढ़ोतरी होगी।

रेलवे और अन्य रिस्क पर क्या अपडेट है?

  • PM Sharif ने पाकिस्तान रेलवे को निर्देश दिए हैं कि वे माल ढुलाई के काम को मजबूत करें ताकि आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिले और जनता को सुविधा हो।
  • दूसरी तरफ, ISSI और PRIME जैसे संस्थानों ने चेतावनी दी है कि मिडिल ईस्ट के संकट से पाकिस्तान की इकोनॉमी को गंभीर खतरा हो सकता है।
  • Rawalpindi Chamber of Commerce and Industry (RCCI) ने बताया कि मिडिल ईस्ट में सीजफायर शुरू होने से तेल और शिपिंग के खर्चों में कुछ राहत मिलने लगी है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या पाकिस्तान अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता कर रहा है?

हां, पाकिस्तान ने इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच 21 घंटे की गुप्त बातचीत करवाई है जिसमें प्रधानमंत्री और आर्मी चीफ की अहम भूमिका रही।

पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पर मिडिल ईस्ट संकट का क्या असर पड़ा है?

कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों की वजह से पाकिस्तान का आयात बिल बढ़ गया है, जिससे देश की आर्थिक तरक्की की रफ्तार धीमी हुई है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.