पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने ईरान के राजदूत रेजा अमीरी मोगादम से मुलाकात की है। इस मीटिंग में इलाके में शांति बनाए रखने और मौजूदा हालातों पर चर्चा हुई। खास बात यह है कि पाकिस्तान की कोशिशों के बाद अमेरिका ने ईरान के साथ युद्धविराम की समय सीमा बढ़ा दी है ताकि तनाव को कम किया जा सके।

अमेरिका ने क्यों बढ़ाया ईरान के साथ युद्धविराम

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 22 अप्रैल 2026 को एलान किया कि वे ईरान के साथ युद्धविराम को आगे बढ़ा रहे हैं। यह फैसला पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल सैयद आसिम मुनीर की अपील पर लिया गया। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर कहा कि जब तक ईरान के नेता कोई ठोस प्रस्ताव नहीं लाते, तब तक वह ईरान पर हमला नहीं करेंगे।

ईरान क्यों है नाराज और क्या है मुख्य समस्या

ईरान इस समय अमेरिका द्वारा लगाए गए समुद्री नाकेबंदी (naval blockade) से काफी नाराज है। ईरान का कहना है कि जब तक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में अमेरिकी नौसेना का पहरा नहीं हटता, तब तक वह शांति वार्ता में शामिल नहीं होगा। इसके अलावा, अमेरिका ने ईरान के एक मालवाहक जहाज को जब्त किया है, जिसे ईरान ने अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन और डकैती बताया है।

क्या अब होगी शांति वार्ता और मीटिंग

पाकिस्तान अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता करने की कोशिश कर रहा है ताकि युद्ध को टाला जा सके। हालांकि, ईरान की नाराजगी की वजह से अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस का इस्लामाबाद दौरा फिलहाल टल गया है। ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर नाकेबंदी जारी रही, तो वह युद्धविराम को नहीं मानेगा और सैन्य कार्रवाई कर सकता है।

Sushma Kumari

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