पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने अपनी सरकार के कामकाज के तरीके को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने सार्वजनिक तौर पर स्वीकार किया है कि देश को चलाने के लिए वह सेना के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। इसे राजनीतिक गलियारों में ‘हाइब्रिड रिजीम’ या मिली-जुली सरकार का नाम दिया गया है। इसके साथ ही क्रिकेट के मैदान पर भी एक ‘हाइब्रिड मॉडल’ को लेकर सरकार बड़ा फैसला लेने वाली है।

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सेना प्रमुख से सलाह लेना बताया जरूरी

पीएम शहबाज शरीफ ने साफ किया है कि वह राष्ट्रीय सुरक्षा और अर्थव्यवस्था जैसे अहम मुद्दों पर आर्मी चीफ जनरल आसिम मुनीर से नियमित रूप से सलाह लेते हैं। सरकार का कहना है कि पाकिस्तान की गिरती अर्थव्यवस्था को संभालने के लिए यह तालमेल बहुत जरूरी है।

  • रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने इस व्यवस्था को देश की स्थिरता के लिए ‘व्यावहारिक जरूरत’ बताया है।
  • आर्थिक फैसलों के लिए एसआईएफसी (SIFC) नाम की एक काउंसिल बनाई गई है, जिसमें सेना और सरकार दोनों शामिल हैं।
  • यह स्वीकारोक्ति उन आलोचकों को जवाब है जो अक्सर सरकार पर सेना के नियंत्रण की बात करते हैं।

क्रिकेट वर्ल्ड कप पर भी हाइब्रिड मॉडल की तैयारी

राजनीति के अलावा, शहबाज शरीफ 2026 टी20 वर्ल्ड कप को लेकर भी एक बड़े ‘हाइब्रिड मॉडल’ पर विचार कर रहे हैं। 30 जनवरी को पीसीबी चेयरमैन मोहसिन नकवी के साथ हुई बैठक के बाद स्थिति काफी हद तक साफ हो गई है।

विवरण जानकारी
फैसले की तारीख सोमवार, 2 फरवरी 2026
टूर्नामेंट शुरू 7 फरवरी 2026
संभावित नियम पाकिस्तान अपने मैच भारत की जगह श्रीलंका में खेलेगा
जुर्माने का खतरा बायकॉट करने पर 38 मिलियन डॉलर का केस

रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रधानमंत्री कार्यालय इस मामले को खुद देख रहा है। अगर पाकिस्तान वर्ल्ड कप से अपना नाम वापस लेता है, तो उसे आईसीसी (ICC) की तरफ से कड़े प्रतिबंधों का सामना करना पड़ सकता है। इसमें द्विपक्षीय सीरीज पर रोक और पीएसएल (PSL) में विदेशी खिलाड़ियों के खेलने पर पाबंदी शामिल है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.