अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव को कम करने के लिए पाकिस्तान मध्यस्थता की कोशिशों में लगा हुआ है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif ने दावा किया है कि दोनों देशों के बीच बातचीत में काफी प्रगति हुई है और चीजें सही दिशा में आगे बढ़ रही हैं। 25 मई 2026 को अपनी चीन यात्रा के दौरान उन्होंने इस बात की जानकारी दी, जहां उन्होंने पाकिस्तान की कोशिशों का समर्थन करने के लिए चीन के नेतृत्व का शुक्रिया भी अदा किया।

क्या सच में US और Iran के बीच समझौता होने वाला है?

इस पूरे मामले पर ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baqaei ने कहा है कि कई मुद्दों पर समझ बनी है लेकिन समझौता अभी इतनी जल्दी होने की उम्मीद नहीं है। बातचीत अभी युद्ध खत्म करने पर केंद्रित है, न कि परमाणु मुद्दे पर। ईरान ने यह भी आरोप लगाया कि अमेरिका अपने रुख बदल रहा है और इसराइल इस बातचीत को बिगाड़ने की कोशिश कर सकता है। वहीं दूसरी तरफ अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने साफ किया है कि शांति समझौते के लिए प्रयास जारी हैं और राष्ट्रपति Donald Trump कोई भी खराब समझौता स्वीकार नहीं करेंगे। उन्होंने बताया कि जलडमरूमध्य (Strait) खोलने और परमाणु मामलों पर सीमित समय की बातचीत का प्रस्ताव मेज पर है।

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप और पाकिस्तानी सेना प्रमुख का क्या है रुख?

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने 24 मई 2026 को कहा कि बातचीत सही तरीके से चल रही है, लेकिन उन्होंने अपने प्रतिनिधियों को जल्दबाजी न करने का निर्देश दिया है। ट्रंप का कहना है कि जब तक समझौता पूरा नहीं हो जाता, तब तक स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज (Strait of Hormuz) में अमेरिकी जहाजों की नाकेबंदी जारी रहेगी। इस बीच, बातचीत को तेज करने के लिए पाकिस्तानी सेना प्रमुख Field Marshal Asim Munir भी 23 मई तक तेहरान (Tehran) में मौजूद थे और उन्होंने ईरानी नेताओं के साथ अहम चर्चा की है। इस बातचीत में सऊदी अरब, कतर, यूएई, तुर्की, मिस्र, जॉर्डन और बहरीन जैसे देश भी क्षेत्रीय कूटनीति का हिस्सा रहे हैं।

इस विवाद की मुख्य वजह क्या है और पहले क्या हुआ?

पाकिस्तान की मध्यस्थता में 8 अप्रैल 2026 को अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्ते का युद्धविराम लागू हुआ था। इसके बाद 10 अप्रैल 2026 को इस्लामाबाद में बातचीत भी हुई थी लेकिन कोई अंतिम फैसला नहीं हो सका था। इस विवाद की मुख्य जड़ ईरान का परमाणु कार्यक्रम और स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज पर नियंत्रण है, जहां 28 फरवरी 2026 से जहाजों की आवाजाही में बड़ी बाधा आ रही है। ईरान जहां प्रतिबंध हटाने और स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज पर नियंत्रण की मांग कर रहा है, वहीं अमेरिका चाहता है कि ईरान अपना संवर्धन कार्यक्रम पूरी तरह से बंद करे।

Frequently Asked Questions (FAQs)

US-Iran के बीच चल रही बातचीत में मुख्य विवाद क्या है?

मुख्य विवाद ईरान के परमाणु कार्यक्रम, प्रतिबंधों को हटाने और स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज पर नियंत्रण को लेकर है, जहां फरवरी 2026 से जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई है।

पाकिस्तान इस बातचीत में क्या भूमिका निभा रहा है?

पाकिस्तान इस मामले में मुख्य मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif और सेना प्रमुख Asim Munir लगातार दोनों देशों के संपर्क में हैं।