पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने लेबनान में हुए युद्धविराम का स्वागत किया है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि यह कदम क्षेत्र में लंबे समय तक चलने वाली शांति की शुरुआत करेगा। प्रधानमंत्री इस समय सऊदी अरब, कतर और तुर्किये के दौरे पर हैं ताकि दुनिया के बड़े नेताओं के साथ मिलकर शांति समझौतों को आगे बढ़ाया जा सके।

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लेबनान में शांति और पाकिस्तान का रुख क्या है?

प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने लेबनान में युद्धविराम की घोषणा का स्वागत किया और कहा कि यह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की कूटनीतिक कोशिशों का नतीजा है। उन्होंने साफ किया कि पाकिस्तान लेबनान की संप्रभुता और उसकी सीमाओं का पूरा सम्मान करता है। पाकिस्तान का लक्ष्य है कि इस क्षेत्र में अब कोई लड़ाई न हो और सभी देश मिलकर शांति से रहें।

प्रधानमंत्री के विदेश दौरे और अन्य देशों की भूमिका क्या है?

शहबाज़ शरीफ़ इस समय तुर्किये के अंताल्या डिप्लोमेसी फोरम में हिस्सा ले रहे हैं। इस दौरे का मुख्य मकसद अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत शुरू करवाना है ताकि दोनों देशों के बीच तनाव कम हो सके। सऊदी अरब ने भी पाकिस्तान के इन शांति प्रयासों की तारीफ की है और आर्थिक मदद के तौर पर पाकिस्तान के विदेशी भंडार में 3 बिलियन डॉलर जमा करने का फैसला किया है।

देश/संस्था मुख्य भूमिका और अपडेट
लेबनान यहाँ युद्धविराम हुआ है, जिसे पाकिस्तान ने समर्थन दिया है।
सऊदी अरब पाकिस्तान को 3 बिलियन डॉलर की मदद दी और शांति प्रयासों की तारीफ की।
अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने युद्धविराम कराने में अहम भूमिका निभाई।
ईरान अमेरिका के साथ शांति वार्ता में शामिल है, जिसमें पाकिस्तान मध्यस्थ बन रहा है।
तुर्किये यहाँ अंताल्या डिप्लोमेसी फोरम का आयोजन हुआ जहाँ PM शरीफ़ पहुँचे।
कतर प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने अपने राजनयिक दौरे के दौरान यहाँ का दौरा किया।
चीन और मिस्र युद्धविराम को सफल बनाने के लिए इन देशों ने पाकिस्तान का साथ दिया।
Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.