अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव को कम करने के लिए पाकिस्तान ने एक बड़ा कदम उठाया है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने घोषणा की है कि उनका देश बहुत जल्द इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच अगले दौर की शांति वार्ता की मेजबानी करने की उम्मीद कर रहा है। शहबाज शरीफ ने कहा कि पाकिस्तान दोनों देशों के बीच पूरी ईमानदारी के साथ मध्यस्थता करने के लिए तैयार है और इसके लिए लगातार प्रयास कर रहा है।
शहबाज शरीफ और पाकिस्तानी सेना प्रमुख की क्या है भूमिका?
पाकिस्तान की तरफ से इस बातचीत को सफल बनाने के लिए बड़े स्तर पर कूटनीतिक प्रयास किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के साथ-साथ विदेश मंत्री इशाक डार और सेना प्रमुख फील्ड मार्शल सैयद असीम मुनीर इस काम में लगे हुए हैं। सेना प्रमुख मुनीर ने इस मुद्दे पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से फोन पर बातचीत भी की है। इसके अलावा पाकिस्तानी नेताओं ने तेहरान में ईरानी अधिकारियों के साथ बहुत ही महत्वपूर्ण बैठकें की हैं, जिसे काफी सकारात्मक बताया जा रहा है।
क्या डोनाल्ड ट्रंप और ईरान इस शांति समझौते पर सहमत हैं?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर जानकारी दी है कि ईरान के साथ शांति समझौते पर लगभग सभी बातचीत पूरी हो चुकी है और अब बस अंतिम सहमति बनना बाकी है। ट्रंप ने कहा कि इस समझौते के बाद हॉरमुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से पूरी तरह खोल दिया जाएगा। हालांकि, ईरान की तरफ से राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने कहा है कि अंतिम फैसले के लिए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई की मंजूरी जरूरी होगी। ईरान चाहता है कि अमेरिका उसके रोके गए फंड को जारी करे और तेल पर लगे प्रतिबंधों में ढील दे।
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या पाकिस्तान में अमेरिका और ईरान के बीच बैठक होगी?
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने घोषणा की है कि उनका देश जल्द ही इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच अगले दौर की शांति वार्ता की मेजबानी करना चाहता है।
इस शांति समझौते में मुख्य शर्तें क्या हैं?
इस संभावित समझौते के तहत अमेरिका ईरानी तेल पर लगे प्रतिबंध हटा सकता है और हॉरमुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोला जाएगा। वहीं, ईरान अपने जब्त फंड का कुछ हिस्सा वापस चाहता है।