पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif ने अमेरिका और ईरान के बीच हुए दो हफ्ते के सीज़फ़ायर समझौते के उल्लंघन पर अपनी गहरी नाराजगी जताई है। उन्होंने 8 अप्रैल 2026 को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि शांति प्रक्रिया को बनाए रखना सबकी जिम्मेदारी है। सीज़फ़ायर लागू होने के कुछ ही घंटों बाद कई जगहों से हमलों की खबरें आई हैं, जिससे खाड़ी देशों में तनाव और बढ़ गया है। यह समझौता शांति की दिशा में एक बड़ी कोशिश थी, लेकिन ताज़ा हमलों ने इस पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

खाड़ी देशों में हुए ताज़ा हमलों का ब्योरा क्या है?

सीज़फ़ायर समझौते के बाद भी कई देशों ने अपने ऊपर हुए हमलों की जानकारी साझा की है, जिसका विवरण नीचे दी गई टेबल में है:

देश का नाम हमले का विवरण नुकसान या कार्रवाई
Kuwait 28 ड्रोन हमला 3 बिजली और पानी के प्लांट प्रभावित हुए
UAE 17 बैलिस्टिक मिसाइल और 35 ड्रोन सिस्टम द्वारा सभी हमलों को रोका गया
Qatar 7 मिसाइल और ड्रोन हवा में ही मार गिराए गए
Israel लेबनान पर हमला लेबनान ने सीज़फ़ायर उल्लंघन का आरोप लगाया

प्रमुख नेताओं और अधिकारियों ने इस पर क्या बयान दिए?

  • Shehbaz Sharif: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने सभी पक्षों से संयम बरतने और दो सप्ताह के सीज़फ़ायर का सम्मान करने की अपील की है ताकि बातचीत आगे बढ़ सके।
  • Abbas Araghchi: ईरान के विदेश मंत्री ने कहा कि सीज़फ़ायर तभी चलेगा जब अमेरिका और इजराइल के हमले रुकेंगे।
  • Donald Trump: अमेरिकी राष्ट्रपति ने समझौते का ऐलान किया था लेकिन स्पष्ट किया कि लेबनान इस समझौते का हिस्सा नहीं है।
  • Asim Munir: पाकिस्तान के सैन्य प्रमुख से ईरान ने इजराइल के हमलों को लेकर चर्चा की है।
  • Benjamin Netanyahu: इजराइली प्रधानमंत्री कार्यालय ने लेबनान के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उन पर यह समझौता लागू नहीं होता।

खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों, खासकर भारतीयों के लिए यह स्थिति चिंताजनक है क्योंकि हमलों से बिजली और पानी जैसी बुनियादी सेवाओं पर असर पड़ा है। कुवैत और UAE में रहने वाले लोगों को सलाह दी गई है कि वे स्थानीय सुरक्षा निर्देशों का पालन करें। US सैन्य अधिकारी Dan Caine ने कहा है कि उनकी सेना अभी भी हाई अलर्ट पर है क्योंकि यह समझौता केवल अस्थायी है।