पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज फील्ड मार्शल सैयद आसिम मुनीर रविवार, 21 जून 2026 को स्विट्जरलैंड के ज्यूरिख पहुंचे। यहाँ वे ईरान और अमेरिका के बीच होने वाली एक बेहद अहम डिप्लोमैटिक मीटिंग में हिस्सा लेंगे। इस बातचीत का मकसद दुनिया की नजरों में शांति लाना और पुराने समझौतों को आगे बढ़ाना है।

बर्गनस्टॉक रिसॉर्ट में होगी अहम चर्चा

यह तकनीकी स्तर की बातचीत स्विट्जरलैंड के Bürgenstock रिसॉर्ट में शुरू हुई। यह पूरी मीटिंग ‘इस्लामाबाद मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग’ (MoU) के बाद बुलाई गई है, जिस पर इसी हफ्ते डिजिटल हस्ताक्षर हुए थे। पाकिस्तान और कतर इस पूरी प्रक्रिया में मुख्य मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं, जबकि स्विट्जरलैंड एक न्यूट्रल देश के तौर पर जगह मुहैया करा रहा है।

शुरुआत में यह बैठक 19 जून को होनी थी, लेकिन इसराइल और लेबनान में हिज्बुल्लाह के बीच बढ़ते तनाव की वजह से इसे टालना पड़ा। अब इस मीटिंग के पहले दिन इसराइल-हिज्बुल्लाह संघर्ष पर एक इमरजेंसी सेशन रखा गया है, जिस पर अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधि सबसे पहले बात करेंगे।

मीटिंग में शामिल होने वाले मुख्य चेहरे

इस हाई-लेवल मीटिंग में दुनिया के कई बड़े नेता और अधिकारी शामिल हुए हैं:

देश प्रतिनिधि
पाकिस्तान पीएम शहबाज शरीफ, फील्ड मार्शल सैयद आसिम मुनीर
अमेरिका उपराष्ट्रपति JD Vance, स्टीव विटकॉफ, जेरेड कुशनर
ईरान संसद स्पीकर मोहम्मद बागेर गालिबाफ, विदेश मंत्री अब्बास अरागची, सेंट्रल बैंक गवर्नर अब्दोलनासेर हेम्मती

ईरान की चेतावनी और तनाव का माहौल

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बग़ाई ने साफ़ कहा कि ईरान चाहता है कि दूसरे देश अपनी जिम्मेदारियां पूरी करें। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर वादे पूरे नहीं हुए, तो पूरा समझौता खतरे में पड़ सकता है।

वहीं, ईरान ने अमेरिका पर समझौते का पालन न करने का आरोप लगाते हुए Strait of Hormuz को बंद करने की बात कही थी, हालांकि अमेरिका ने इन आरोपों को गलत बताया। ताजा खबरों के मुताबिक, अमेरिकी नौसेना द्वारा नाकेबंदी हटाए जाने के बाद ईरान ने फिर से कच्चे तेल की लोडिंग शुरू कर दी है।

प्रधानमंत्री कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, पीएम शरीफ इस दौरान ईरान, कतर, स्विट्जरलैंड और अमेरिका के प्रतिनिधियों के साथ अलग से भी मुलाकात करेंगे। इस पूरी बातचीत का मुख्य केंद्र ईरान का परमाणु कार्यक्रम और क्षेत्रीय सुरक्षा रहेगा।