पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ और चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज फील्ड मार्शल आसिम मुनीर स्विट्ज़रलैंड पहुँच गए हैं। वे यहाँ अमेरिका और ईरान के बीच हुए ‘इस्लामाबाद मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग’ (MoU) को लागू करने के लिए तकनीकी स्तर की बातचीत में हिस्सा लेंगे। यह अहम बैठक 21 जून 2026 को Bürgenstock में होनी तय हुई है।
इस पूरे मामले की शुरुआत 17 जून 2026 को हुई थी। उस दिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने इलेक्ट्रॉनिक तरीके से इस MoU पर हस्ताक्षर किए थे। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने इस समझौते में मध्यस्थ और गारंटी देने वाले की भूमिका निभाते हुए साइन किए।
पाकिस्तान सरकार ने पहले यह साफ़ किया था कि यह समझौता साइन होते ही तुरंत लागू हो गया है। शुरुआत में इसके लिए स्विट्ज़रलैंड में एक बड़ा औपचारिक समारोह होना था, लेकिन नियमों के तुरंत लागू होने की वजह से उस प्रोग्राम को टाल दिया गया। अब प्रधानमंत्री की यात्रा का मुख्य मकसद इस समझौते की शर्तों को असल में जमीन पर उतारना और तकनीकी पहलुओं को सुलझाना है।
पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने जानकारी दी कि 21 जून को Bürgenstock में होने वाली इन बातचीत में पाकिस्तान और कतर मध्यस्थ के रूप में शामिल रहेंगे। इस मुलाकात में अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधियों के बीच तकनीकी स्तर पर चर्चा होगी ताकि समझौते के प्रावधानों को सही तरीके से पूरा किया जा सके।