पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सऊदी अरब, कतर और तुर्किये के चार दिवसीय आधिकारिक दौरे की शुरुआत कर दी है। यह यात्रा 15 से 18 अप्रैल 2026 तक चलेगी। इस दौरे का मुख्य मकसद अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली दूसरी दौर की शांति वार्ता में मदद करना और क्षेत्रीय संबंधों को बेहतर बनाना है।
इस दौरे का मुख्य मकसद क्या है?
प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ सऊदी अरब और कतर में क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा पर चर्चा करेंगे। पाकिस्तान चाहता है कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत दोबारा शुरू हो, जिसके लिए वह एक मंच मुहैया करा रहा है। इस यात्रा के दौरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलने और युद्ध के मुआवज़े जैसे अहम मुद्दों पर भी चर्चा होने की उम्मीद है।
सऊदी अरब और अन्य देशों के साथ क्या अहम बातें हुईं?
सऊदी अरब ने पाकिस्तान की आर्थिक मदद के लिए 3 अरब डॉलर की अतिरिक्त जमा राशि देने का वादा किया है, जो अगले हफ्ते तक मिल जाएगी। इसके अलावा, पहले से मौजूद 5 अरब डॉलर की जमा राशि को भी आगे बढ़ाया जाएगा। तुर्किये में पीएम शरीफ पांचवें अंताल्या डिप्लोमेसी फोरम में हिस्सा लेंगे और वहां राष्ट्रपति रेसेप तय्यिप एर्दोगन से मुलाकात करेंगे।
अमेरिका और ईरान की बातचीत पर अब तक क्या अपडेट है?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि अमेरिका और ईरान की शांति वार्ता बहुत जल्द या अगले दो दिनों में इस्लामाबाद में शुरू हो सकती है। ट्रंप ने इस मामले में पाकिस्तान के आर्मी चीफ फील्ड मार्शल आसिम मुनीर के प्रयासों की सराहना की है। हालांकि, पहले दौर की बातचीत बिना किसी औपचारिक समझौते के खत्म हुई थी क्योंकि ईरान की टीम कुछ शर्तों पर सहमत नहीं थी।
