पाकिस्तान अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव को कम करने और युद्ध को समाप्त करने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय (MOFA) ने 2 अप्रैल 2026 को पुष्टि की है कि वे दोनों देशों को बातचीत की मेज पर लाने के लिए काम कर रहे हैं। हालांकि इस्लामाबाद ने स्वीकार किया है कि इस शांति प्रक्रिया में कई बाधाएं हैं, लेकिन वे एक तटस्थ मध्यस्थ के रूप में अपनी भूमिका निभाने के लिए तैयार हैं।

शांति प्रयासों से जुड़ी मुख्य जानकारी और घटनाक्रम

  • 29 मार्च 2026: पाकिस्तान ने पहली बार अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत की मेजबानी करने का ऐलान किया था।
  • 30 मार्च 2026: विदेश मंत्री Ishaq Dar ने आने वाले दिनों में सीधी बातचीत कराने की तैयारी जताई थी।
  • 2 अप्रैल 2026: प्रवक्ता Tahir Andrabi ने बताया कि दोनों देशों को पाकिस्तान पर भरोसा है और वे मध्यस्थता के लिए तैयार हैं।
  • क्षेत्रीय सहयोग: पाकिस्तान ने चीन के साथ मिलकर पांच सूत्रीय शांति योजना और सऊदी अरब, तुर्की, मिस्र के साथ मिलकर सात सूत्रीय प्रस्ताव पर चर्चा की है।
  • समुद्री मार्ग: ईरान ने 20 पाकिस्तानी झंडे वाले जहाजों को Strait of Hormuz से गुजरने की इजाजत दी है, जिसे शांति की दिशा में अच्छा संकेत माना गया है।

प्रमुख नेताओं के बयान और वर्तमान स्थिति

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने चेतावनी दी है कि यदि ईरान ने वाशिंगटन की शांति शर्तों को स्वीकार नहीं किया, तो अगले दो से तीन हफ्तों तक हमले और तेज किए जाएंगे। वहीं, ईरानी राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने अमेरिकी नागरिकों को एक खुला पत्र लिखकर अपने देश को शांतिपूर्ण बताया है। दूसरी ओर, सऊदी अरब ने 2 अप्रैल को चार ईरानी ड्रोन मार गिराने की सूचना दी है। बगदाद में अमेरिकी दूतावास ने भी अगले 48 घंटों में संभावित हमलों को लेकर अलर्ट जारी किया है। फ्रांस के राष्ट्रपति Emmanuel Macron ने भी सैन्य कार्रवाई के बजाय बातचीत के जरिए रास्ता निकालने का समर्थन किया है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.