अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने के लिए पाकिस्तान ने एक बड़ी पहल की है। पाकिस्तान ने इस्लामाबाद में दोनों देशों के बीच बातचीत के दूसरे दौर की मेजबानी का प्रस्ताव रखा है। यह कोशिश इसलिए की जा रही है क्योंकि 22 अप्रैल को मौजूदा युद्धविराम (ceasefire) खत्म होने वाला है। पाकिस्तान चाहता है कि समय खत्म होने से पहले कोई ठोस समाधान निकल आए।

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क्या रही पहली मीटिंग की स्थिति और अगला प्लान

अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत का पहला दौर 12 अप्रैल 2026 को इस्लामाबाद में खत्म हुआ था, लेकिन इसमें कोई पूरा समझौता नहीं हो पाया। इसके बाद 14 अप्रैल को पाकिस्तान ने दूसरी मीटिंग का प्रस्ताव दिया। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा कि युद्धविराम अभी बरकरार है और मसलों को सुलझाने की पूरी कोशिश की जा रही है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD Vance ने बताया कि पहली मीटिंग में कुछ तरक्की हुई है, खासकर परमाणु सामग्री हटाने के मुद्दे पर।

अमेरिका की नाकेबंदी और ईरान की प्रतिक्रिया

डिप्लोमेसी के बीच तनाव तब बढ़ गया जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 13 अप्रैल को ईरान के सभी बंदरगाहों और तटीय इलाकों की नाकेबंदी का ऐलान किया। उन्होंने चेतावनी दी कि प्रतिबंधित क्षेत्र के पास आने वाले ईरानी जहाजों को खत्म किया जा सकता है। ईरान ने इस कदम को अपनी संप्रभुता का उल्लंघन और समुद्री डकैती करार दिया है। इस नाकेबंदी की वजह से 8 अप्रैल से लागू युद्धविराम पर दबाव बढ़ गया है।

किन मुख्य विवादों पर अटकी है डील

मुख्य मुद्दे विवरण
परमाणु कार्यक्रम यूरेनियम संवर्धन को रोकना और सामग्री को हटाना
हॉर्मुज जलडमरूमध्य बिना टोल के जलमार्ग को पूरी तरह खोलना
सुरक्षा ढांचा क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए नया फ्रेमवर्क बनाना
फंडिंग कुछ खास समूहों को मिलने वाली फंडिंग बंद करना
नाकेबंदी अमेरिकी नाकेबंदी को खत्म करना
परमाणु सुविधाएं परमाणु सुविधाओं को पूरी तरह बंद करना
Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com