पाकिस्तान में आर्थिक हालात बिगड़ते जा रहे हैं और अब राजनीति भी गरमा गई है। PTI के शेख वकास अकरम ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार अपनी कमियों को छिपाने के लिए आम जनता को सजा दे रही है। उन्होंने बिजली की बढ़ती कीमतों और विदेशी कंपनियों के पाकिस्तान छोड़ने को लेकर सरकार की कड़ी आलोचना की है।

सरकार पर क्या आरोप लगाए गए हैं?

PTI के शेख वकास अकरम ने कहा कि मौजूदा सरकार के पास पर्याप्त समर्थन नहीं है। उन्होंने दावा किया कि सरकार महज 17 सीटों के दम पर 170 का दिखावा कर रही है, जिससे देश में स्थिरता नहीं आ सकती। उन्होंने इसे ‘ऑटोपायलट इकोनॉमिक्स’ कहा और आरोप लगाया कि करीब 1,000 अरब रुपये सरकारी खजाने में भेजने के बजाय कमर्शियल बैंकों में रखे गए हैं।

आम जनता और अर्थव्यवस्था पर क्या असर पड़ा है?

देश में बिजली की कीमतें पिछले चार सालों में 15-20 रुपये से बढ़कर 60 रुपये प्रति यूनिट के पार चली गई हैं। साथ ही, टैक्स और ऊर्जा की बढ़ती लागत की वजह से AkzoNobel जैसी बड़ी विदेशी कंपनियां पाकिस्तान छोड़कर जा रही हैं। सरकार ने बिजली की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए देश के कई हिस्सों में रोजाना दो घंटे की बिजली कटौती का फैसला भी किया है।

मुख्य बिंदु विवरण
बिजली की कीमत 15-20 रुपये से बढ़कर 60 रुपये से अधिक हुई
सरकारी फंड 1,000 अरब रुपये कमर्शियल बैंकों में रखे गए
सीटों का विवाद 17 सीटों वाली सरकार 170 का दिखावा कर रही है
बिजली कटौती पीक समय में रोजाना 2 घंटे की कटौती का ऐलान
कंपनियों का जाना AkzoNobel जैसी कंपनियों ने काम बंद किया
व्यापार स्थिति मानवाधिकारों की वजह से GSP+ स्टेटस पर खतरा
सरकार का पक्ष वित्त मंत्री ने सुधारों और नए निवेश की बात कही