पाकिस्तान के Pashtun Tahafuz Movement (PTM) के दो कार्यकर्ता Hanif Pashteen और Noor Ullah Tareen नवंबर 2025 से गायब हैं। अब PTM के UK चैप्टर ने खैबर पख्तूनख्वा (KP) के मुख्यमंत्री Sohail Afridi को पत्र लिखकर उनका पता लगाने की मांग की है। इस मामले में अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन Amnesty International ने भी गहरी चिंता जताई है।
PTM कार्यकर्ता कब और कैसे गायब हुए?
जानकारी के मुताबिक, 12 नवंबर 2025 को Hanif Pashteen और Noor Ullah Tareen समेत सात लोग पेशावर में एक शांति Jirga में शामिल हुए थे। यह कार्यक्रम खैबर पख्तूनख्वा सरकार ने आयोजित किया था। आरोप है कि वहां से निकलने के बाद उन्हें जबरन गायब कर दिया गया। 18 जनवरी 2026 को पंजाब की Attock Jail से पांच लोगों को रिहा किया गया, लेकिन ये दोनों कार्यकर्ता अब भी लापता हैं। PTM UK चैप्टर का कहना है कि उन्हें अपनी बात रखने का मौका नहीं दिया गया और पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही रोक लिया था।
नेताओं और संगठनों ने इस पर क्या कहा?
मुख्यमंत्री Mohammad Sohail Afridi ने इस घटना की निंदा की और इसे पख्तून परंपराओं के खिलाफ बताया। उन्होंने सैन्य नेतृत्व और पेशावर कोर कमांडर से जांच करने को कहा। वहीं, PTM नेता Manzoor Ahmad Pashteen और Zakim Khan Wazir का आरोप है कि पुलिस और खुफिया एजेंसियों ने उन्हें अगवा किया। Amnesty International ने बयान जारी कर कहा है कि यह अंतरराष्ट्रीय कानून और निष्पक्ष सुनवाई के अधिकार का उल्लंघन है। संगठन ने चेतावनी दी है कि गुप्त हिरासत में टॉर्चर और दुर्व्यवहार का खतरा बढ़ जाता है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Hanif Pashteen और Noor Ullah Tareen कौन हैं?
ये दोनों Pashtun Tahafuz Movement (PTM) के कार्यकर्ता हैं। यह संगठन पाकिस्तान में पख्तून लोगों के मानवाधिकारों के लिए काम करता है।
इन कार्यकर्ताओं के गायब होने पर सरकार का क्या स्टैंड है?
खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री Sohail Afridi ने इस घटना की निंदा की है, जबकि कुछ वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों का कहना है कि कार्यकर्ता पुलिस की हिरासत में नहीं हैं।