पाकिस्तान में 13 जुलाई 2026 से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा असर आम जनता की जेब पर पड़ा है। देशभर में पब्लिक ट्रांसपोर्ट के किराए में बड़ा बदलाव किया गया है, जिससे बस, रिक्शा और अन्य सवारियों का सफर अब महंगा हो गया है। इस महंगाई की मार से यात्री और सामान ढोने वाले दोनों ही प्रभावित हुए हैं।
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किराए में हुई कितनी बढ़ोतरी
ट्रांसपोर्टर्स ने ईंधन के बढ़ते खर्च का हवाला देते हुए नए रेट लागू किए हैं। रावलपिंडी में लोकल ट्रांसपोर्ट के किराए में प्रति यात्री PKR 20 की बढ़ोतरी की गई है, जबकि आसपास के इलाकों के लिए यह किराया PKR 30 तक बढ़ गया है। लंबी दूरी की बसों के टिकट PKR 100 से PKR 250 तक महंगे हो गए हैं। वहीं, रावलपिंडी और मुर्री के बीच चलने वाली AC कोच का किराया अब PKR 700 तक पहुंच गया है। सामान ढोने वाले रिक्शों ने भी अपने चार्ज में PKR 500 की वृद्धि की है। इसके अलावा, अब 8 साल से अधिक उम्र के बच्चों के लिए भी किराया देना होगा और सामान के लिए अलग से शुल्क लिया जाएगा।
सरकारी निर्देश और ट्रांसपोर्टर्स का रुख
रीजनल ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (RTA) के सचिव Syed Asad Abbas Shirazi ने साफ किया है कि सभी वाहनों में सरकारी रेट लिस्ट लगाना अनिवार्य है। विभाग अधिक किराया वसूलने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगा। हालांकि, पाकिस्तान पब्लिक ट्रांसपोर्ट ओनर्स एसोसिएशन का कहना है कि डीजल के बढ़ते दामों के सामने ये बढ़ोतरी काफी कम है और ट्रांसपोर्ट सिस्टम बंद होने का खतरा बना हुआ है। माल ढुलाई के क्षेत्र में, पाकिस्तान गुड्स ट्रांसपोर्ट एलायंस ने माल भाड़े में 60 प्रतिशत तक की वृद्धि करने की घोषणा की है, जिससे कराची से पेशावर तक लोडेड ट्रेलर का किराया PKR 700,000 तक पहुंच गया है। हवाई सफर करने वालों के लिए भी मुश्किलें बढ़ गई हैं, क्योंकि 12 जुलाई को जेट ईंधन की कीमत PKR 13.23 बढ़कर PKR 251.02 प्रति लीटर हो गई है।
