पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में मानसून की भारी बारिश और उसके बाद आई बाढ़ ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। 26 जुलाई 2026 तक की स्थिति के अनुसार, प्रांत के कई बड़े इलाके पानी में डूबे हुए हैं और विशेष रूप से राजधानी लाहौर में स्थिति काफी गंभीर बनी हुई है। बारिश के कारण हुई घटनाओं में अब तक 22 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 183 लोग घायल हुए हैं।
बाढ़ से बिगड़े हालात
प्रांतीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (PDMA) के आंकड़ों के अनुसार, 26 जून से शुरू हुए मानसून सीजन के बाद से यह आंकड़े दर्ज किए गए हैं। बीते 24 घंटे के भीतर ही 7 लोगों की मौत हुई है, जिनमें 2 बच्चे भी शामिल हैं। मुख्य रूप से घरों की छतें गिरने की घटनाओं में ये जानें गई हैं। लाहौर में अकेले 3 लोगों की मौत और 5 लोग घायल होने की सूचना है।
400 वर्ग किलोमीटर इलाका जलमग्न
शेखूपुरा, मुरीदके और गुजरांवाला जैसे जिलों में लगभग 400 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र पानी में डूबा हुआ है। पंजाब सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने इसे एक इनलैंड सी या अंतर्देशीय समुद्र जैसा बताया है। नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (NDMA) ने चिनाब, सिंधु और रावी नदियों में मध्यम से निचले स्तर की बाढ़ की चेतावनी दी है।
पंजाब की मुख्यमंत्री मरियम नवाज शरीफ ने कहा कि जल निकासी के काम में सुधार हुआ है और जमा हुए पानी को अब कुछ ही घंटों में साफ किया जा रहा है। PDMA ने 27 जुलाई तक भारी बारिश और गरज के साथ छींटे पड़ने की चेतावनी जारी रखी है और प्रभावित इलाकों में राहत शिविर स्थापित किए गए हैं।
