पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में बिजली संकट बहुत बढ़ गया है। यहाँ के शहरों और गाँवों में लोग लंबे समय तक बिजली कटौती का सामना कर रहे हैं। बिजली की मांग और सप्लाई के बीच बढ़ते अंतर की वजह से आम जनता की मुश्किलें बढ़ गई हैं और दैनिक जीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।

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बिजली कटौती का कितना असर है और कौन से इलाके ज़्यादा परेशान हैं?

पंजाब के ग्रामीण इलाकों में हालात काफी खराब हैं। Multan Electric Power Company (Mepco) के तहत आने वाले कुछ इलाकों में रोज़ाना 16 घंटे तक बिजली गुल रहती है। वहीं, Lahore और Faisalabad जैसे बड़े शहरों में 3 से 4 घंटे की कटौती हो रही है। Pakistan Electric Power Company (PEPCO) ने बताया कि बिजली की सप्लाई और डिमांड के बीच अब 2000MW का अंतर आ गया है।

बिजली संकट की मुख्य वजह क्या है और आगे क्या होगा?

अधिकारियों के मुताबिक, बिजली की कमी का मुख्य कारण पावर प्लांट को मिलने वाली गैस की सप्लाई में भारी गिरावट है। कतर से आने वाली LNG की सप्लाई 9 मई तक बंद कर दी गई है। इसके अलावा, मेंटेनेंस और बिजली चोरी रोकने के लिए भी कटौती की जा रही है। बिजली मंत्री Awais Ahmad Khan Leghari ने चेतावनी दी है कि अगर गैस की सप्लाई नहीं बढ़ी, तो बिजली के दाम बढ़ सकते हैं या कटौती और ज़्यादा हो सकती है। सरकार अप्रैल के अंत या मई की शुरुआत तक गैस सप्लाई को 160-170 mmcfd तक बढ़ाने की कोशिश कर रही है।

संस्था/विभाग भूमिका और वर्तमान स्थिति
Mepco ग्रामीण इलाकों में 12 से 16 घंटे की भारी कटौती
Lesco लाहौर में मेंटेनेंस और चोरी रोकने के लिए कटौती
PEPCO सप्लाई-डिमांड में 2000MW के अंतर की पुष्टि
Petroleum Division गैस सप्लाई में कमी को संकट की वजह बताया
NTDC सप्लाई गैप होने पर लोडशेडिंग लागू करना
Sui Northern Gas पावर प्लांट की गैस सप्लाई में कटौती
National Coordination Council बिजली संकट की निगरानी और समाधान की कोशिश