पाकिस्तान ने अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव के बीच एक बड़ा बयान दिया है. उसने उन आरोपों को पूरी तरह गलत बताया है जिनमें कहा गया था कि उसने ईरानी मिलिट्री विमानों को अमेरिकी हमलों से बचाने के लिए अपने यहां जगह दी. यह सब तब हो रहा है जब दोनों देशों के बीच बनी शांति की कोशिशें अब कमजोर पड़ती दिख रही हैं.
पाकिस्तान ने CBS News की रिपोर्ट को क्यों नकारा?
CBS News ने एक रिपोर्ट में दावा किया था कि पाकिस्तान ने चुपके से ईरानी मिलिट्री विमानों को अपने एयरबेस पर जगह दी ताकि उन्हें अमेरिकी हमलों से बचाया जा सके. इस पर 12 मई 2026 को Pakistan’s Ministry of Foreign Affairs (MoFA) ने कड़ी प्रतिक्रिया दी. मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि यह रिपोर्ट भ्रामक है और इसका मकसद इलाके की शांति को बिगाड़ना है. उन्होंने बताया कि ‘इस्लामाबाद टॉक्स’ के दौरान राजनयिकों और सुरक्षा टीमों की सुविधा के लिए दोनों देशों के कुछ विमान पाकिस्तान आए थे, लेकिन इनका किसी सैन्य हमले से कोई लेना-देना नहीं था.
अमेरिका और ईरान के बीच क्या है ताज़ा विवाद?
अमेरिका और ईरान के बीच की शांति अब बहुत नाजुक मोड़ पर है. 11 मई 2026 को US President Donald Trump ने कहा कि ईरान के साथ ceasefire अब ‘लाइफ सपोर्ट’ पर है. ट्रंप ने ईरान के शांति प्रस्ताव को बेकार बताते हुए उसे खारिज कर दिया. इसके साथ ही अमेरिका ने 12 लोगों और संस्थाओं पर पाबंदी लगाई है, जिन पर चीन को ईरानी तेल बेचने की मदद करने का आरोप है. दूसरी तरफ, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता एस्माइल बाक़ाएई ने अपनी मांगों को जायज बताया है, जिसमें युद्ध खत्म करना और अपनी जमी हुई संपत्ति वापस लेना शामिल है.
पाकिस्तान की मध्यस्थता और मौजूदा स्थिति क्या है?
पाकिस्तान ने 8 अप्रैल 2026 को अमेरिका और ईरान के बीच ceasefire कराने में अहम भूमिका निभाई थी. बाद में 21 अप्रैल को ट्रंप ने पाकिस्तान के अनुरोध पर इस ceasefire की समय सीमा बढ़ा दी थी. हालांकि, अब कुछ जानकारों का कहना है कि पाकिस्तान की सफाई से यह बात तो साफ़ हो गई कि ईरानी विमान वहां मौजूद थे, जिससे उसकी निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं. फिलहाल Nur Khan Airbase और Strait of Hormuz जैसे इलाकों पर सबकी नज़र बनी हुई है.
Frequently Asked Questions (FAQs)
पाकिस्तान पर क्या आरोप लगे थे?
CBS News ने आरोप लगाया था कि पाकिस्तान ने Nur Khan Airbase पर ईरानी मिलिट्री विमानों को अमेरिकी हमलों से बचाने के लिए जगह दी थी.
डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के शांति प्रस्ताव पर क्या कहा?
ट्रंप ने ईरान के प्रस्ताव को पूरी तरह अस्वीकार्य बताया और कहा कि यह ‘कचरे का टुकड़ा’ है जिसे उन्होंने पूरा पढ़ा भी नहीं.
