पाकिस्तान के चिश्तियन में मैनहोल की सफाई के दौरान एक दर्दनाक हादसा हुआ है। जहरीली गैस के असर से दो सफाईकर्मियों की मौत हो गई और एक अन्य की हालत गंभीर बनी हुई है। इस घटना के बाद पीड़ित परिवारों ने नगर पालिका प्रशासन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं।

📰: OPEC+ का बड़ा फैसला, तेल उत्पादन की सीमा बढ़ सकती है, मिडिल ईस्ट में हालात सुधरे

लापरवाही और मौत का कारण

यह हादसा शनिवार, 4 जुलाई 2026 को बहानवलनगर के चिश्तियन में महबूब कॉलोनी में हुआ। यहां तीन सफाईकर्मी एक ब्लॉक पाइप को साफ करने के लिए मैनहोल में उतरे थे। मरने वालों की पहचान 35 साल के शफीक और 45 साल के इरफान इकबाल के रूप में हुई है, जो चिश्तियन म्युनिसिपल कमेटी (MC) के कर्मचारी थे। तीसरे कर्मचारी अफजल को स्थानीय लोगों ने बाहर निकाला और इलाज के लिए पहले THQ अस्पताल फिर बहावल विक्टोरिया अस्पताल भेजा गया।

परिजनों और स्थानीय लोगों का आरोप है कि म्युनिसिपल कमेटी के अधिकारियों ने सुरक्षा नियमों की अनदेखी की। उनका कहना है कि कर्मचारियों को बिना किसी सुरक्षा गियर या जरूरी उपकरणों के खतरनाक मैनहोल में भेज दिया गया।

रेस्क्यू टीम की प्रतिक्रिया

मृतकों के परिवारों ने Rescue 1122 की टीम पर भी देरी से पहुंचने और लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। उनका दावा है कि इसी वजह से शफीक और इरफान को बचाया नहीं जा सका। वहीं, रेस्क्यू 1122 के इंचार्ज राव शराफत ने इन आरोपों को गलत बताया। उन्होंने कहा कि उनकी टीम कॉल मिलने के 4 मिनट के भीतर मौके पर पहुंच गई थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि मैनहोल 30 फीट गहरा और ढाई फीट चौड़ा था, जिसमें जहरीली गैस भरी थी, इसलिए सुरक्षा इंतजाम करने में समय लगा ताकि रेस्क्यू टीम की जान को खतरा न हो।

सरकार की कार्रवाई

पंजाब की मुख्यमंत्री मरियम नवाज ने इस हादसे का संज्ञान लिया है और संबंधित अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सैनेटरी इंचार्ज तारिक को सस्पेंड कर दिया है और विभागीय जांच शुरू कर दी है। चिश्तियन के म्युनिसिपल ऑफिसर को जांच अधिकारी बनाया गया है, जिन्हें दो दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपनी होगी।

सुरक्षा नियमों की स्थिति

पाकिस्तान में सफाईकर्मियों की जान जोखिम में डालना एक पुरानी समस्या है। दिसंबर 2025 में इस्लामाबाद हाई कोर्ट (IHC) ने केंद्र सरकार को आदेश दिया था कि देशभर में सीवरेज वर्कर्स के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं। कोर्ट ने हाथ से मैनहोल साफ करने वाले मजदूरों की मौत को मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन बताया था। नेशनल कमीशन फॉर ह्यूमन राइट्स (NCHR) ने भी इस खतरनाक काम को बंद करने और मजदूरों को ट्रेनिंग व सुरक्षा उपकरण देने की मांग की है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.