30 जुलाई 2026 को पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री Mohammad Ishaq Dar ने सऊदी विदेश मंत्री Faisal bin Farhan Al Saud के साथ फोन पर बातचीत की। इस दौरान दोनों देशों के बीच लाल सागर और Bab al-Mandeb Strait में बढ़ती सुरक्षा चिंताओं को लेकर महत्वपूर्ण चर्चा हुई। यह बातचीत समुद्री रास्तों के सुरक्षित संचालन और क्षेत्रीय शांति बनाए रखने के प्रयासों का हिस्सा है।
समुद्री सुरक्षा के लिए नई योजना
सऊदी अरब ने लाल सागर, Bab al-Mandeb Strait और Gulf of Aden में समुद्री व्यापार को सुरक्षित रखने के लिए एक बहुराष्ट्रीय रक्षा गठबंधन बनाने का प्रस्ताव रखा है। पाकिस्तान ने इस प्रस्ताव का समर्थन किया है। सऊदी अरब इस गठबंधन का नेतृत्व करने के लिए अन्य देशों के साथ मिलकर काम कर रहा है ताकि वाणिज्यिक जहाजों को Houthi विद्रोहियों के हमलों से बचाया जा सके।
फिलिस्तीन और क्षेत्रीय स्थिति पर नजर
दोनों नेताओं ने फिलिस्तीन के हालात, विशेष रूप से पूर्वी यरुशलम की स्थिति पर चिंता व्यक्त की और जॉर्डन के उस प्रस्ताव का स्वागत किया जिसमें अरब और इस्लामिक देशों की एक बैठक बुलाने की बात कही गई है। वहीं, पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Tahir Andrabi ने कहा कि खाड़ी क्षेत्र में तनाव को कम करने के लिए बातचीत और कूटनीति ही एकमात्र रास्ता है। खबरों के अनुसार, Yemen के सूचना मंत्री Moammar al-Eryani ने भी चेतावनी दी है कि विद्रोही गुट समुद्री रास्तों पर टैक्स लगाने की योजना बना रहे हैं, जिसमें बाहरी शक्तियों की तकनीकी मदद भी शामिल है।
