Pakistan Scam Call Center Raid: इस्लामाबाद में बड़ा छापा, 258 विदेशी नागरिक गिरफ्तार

पाकिस्तान की सुरक्षा एजेंसियों ने हाल ही में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए साइबर धोखाधड़ी करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस्लामाबाद के गुलबर्ग ग्रीन्स इलाके में स्थित स्पार्को प्लाजा पर यह छापा मारा गया, जिसमें पुलिस और जांच एजेंसियों ने मिलकर एक अवैध स्कैम कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया। इस कार्रवाई के दौरान कुल 258 विदेशी नागरिकों को हिरासत में लिया गया है, जो वहां बैठकर बड़े पैमाने पर लोगों को ठगने का काम कर रहे थे। इस घटना ने एक बार फिर से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर साइबर अपराध और वीजा नियमों के उल्लंघन के मामलों को सामने ला दिया है।
कैसे चला अवैध कॉल सेंटर
जांच अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, इस अवैध धंधे में अलग-अलग देशों के नागरिक शामिल थे। पकड़े गए लोगों में लगभग 40 चीनी नागरिक, 170 वियतनामी नागरिक और इसके अलावा मलेशिया, इंडोनेशिया तथा अन्य एशियाई देशों के लोग भी शामिल हैं। ये सभी आरोपी पाकिस्तान में टूरिस्ट, विजिट या बिजनेस वीजा पर आए थे। लेकिन वीजा नियमों की साफ तौर पर धज्जियां उड़ाते हुए वे वहां गैरकानूनी व्यावसायिक गतिविधियों में शामिल हो गए। विदेशी अधिनियम 1946 के तहत यह सीधे तौर पर कानून का उल्लंघन है, जिसके बाद प्रशासन ने सख्त कदम उठाया।
सोशल मीडिया के जरिए लोगों को बनाते थे निशाना
अधिकारियों ने बताया कि यह गिरोह बहुत ही शातिर तरीके से अपने जाल में लोगों को फंसाता था। ये लोग पॉन्जी स्कीम और फर्जी निवेश प्लेटफॉर्म चला रहे थे। पीड़ितों को अपने जाल में फंसाने के लिए टिकटॉक और व्हाट्सएप जैसे सोशल मीडिया ऐप का इस्तेमाल किया जाता था। पहले इन प्लेटफॉर्म्स पर लोगों से संपर्क किया जाता था और फिर पैसों की ठगी करने के लिए उन्हें टेलीग्राम पर बुलाया जाता था। टेलीग्राम पर ही सारा वित्तीय लेनदेन और धोखाधड़ी का खेल खेला जाता था।
आगे की कानूनी कार्रवाई और जेल
इस बड़ी कार्रवाई के बाद पाकिस्तानी प्रशासन ने उस पूरी इमारत और साइट को एक उप-जेल यानी सब-जेल घोषित कर दिया है ताकि सभी पकड़े गए आरोपियों को वहां रखा जा सके। साइबर अपराध से जुड़े मामलों की जांच अभी भी जारी है। अधिकारियों ने यह भी कंफर्म किया है कि हिरासत में लिए गए सभी विदेशी नागरिकों के देशों के दूतावासों को इस बारे में सूचित कर दिया गया है। वीजा नियमों का उल्लंघन करने और अवैध गतिविधियों में शामिल पाए जाने के बाद इन सभी आरोपियों का डिपोर्टेशन यानी वापस अपने देश भेजा जाना तय माना जा रहा है।