अमेरिका और ईरान के बीच दूसरी दौर की बातचीत के लिए पाकिस्तान ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम कर लिए हैं। इस्लामाबाद और रावलपिंडी में पुलिस की भारी तैनाती की गई है ताकि दोनों देशों के प्रतिनिधियों को पूरी सुरक्षा मिल सके। इस बीच अमेरिका के प्रतिनिधि पाकिस्तान पहुँच चुके हैं, लेकिन ईरान की तरफ से अभी तक आने की पुष्टि नहीं हुई है।

सुरक्षा के लिए क्या-क्या कड़े नियम लागू हुए हैं?

इंतजाम विवरण
पुलिस बल 10,000 से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात
चेकपोस्ट 600 से ज्यादा नाके बनाए गए
रेड जोन दूतावास और सरकारी दफ्तरों वाला इलाका पूरी तरह बंद
ट्रैफिक लाहौर, पेशावर और फैसलाबाद जाने वाले एक्सप्रेसवे बंद
होटल Serena Hotel आम जनता के लिए बंद, अन्य होटल बुकिंग बंद
ड्रोन पूरे इलाके में ड्रोन उड़ाने पर पूरी तरह पाबंदी

बड़े नेताओं और अधिकारियों का क्या कहना है?

Donald Trump ने बताया कि अमेरिकी टीम 20 अप्रैल को पाकिस्तान जाएगी। वहीं पाकिस्तान के आंतरिक मंत्री Mohsin Naqvi ने अमेरिकी राजदूत Natalie Baker से मुलाकात कर सुरक्षा की पुष्टि की और इसे एक बड़ी जिम्मेदारी बताया। दूसरी तरफ, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Ismail Bagaei ने कहा कि ईरान की फिलहाल इस बातचीत में शामिल होने की कोई योजना नहीं है और न ही कोई फैसला लिया गया है।

पहली बैठक क्यों फेल हुई और अब क्या स्थिति है?

पहली बातचीत में यूरेनियम संवर्धन और परमाणु हथियारों को लेकर सहमति नहीं बन पाई थी। इसके अलावा होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर नियंत्रण को लेकर भी विवाद था। अब अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा दो हफ्ते का युद्धविराम 22 अप्रैल 2026 को खत्म होने वाला है, जिससे क्षेत्रीय तनाव बढ़ने की आशंका है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.