आर्थिक तंगी से जूझ रहे Pakistan ने अपनी अर्थव्यवस्था को सहारा देने के लिए America से 10 बिलियन डॉलर के ‘बायलैटरल एक्सचेंज स्टेबलाइजेशन सपोर्ट फैसिलिटी’ की मांग की है। इस आर्थिक सहायता का उद्देश्य देश के विदेशी मुद्रा भंडार को मजबूत करना और पाकिस्तानी रुपये पर पड़ रहे दबाव को कम करना है। यह कदम पाकिस्तान को International Monetary Fund (IMF) जैसे बहुपक्षीय कर्जदाताओं पर अपनी निर्भरता कम करने में मदद करेगा।
मुलाकात और प्रस्ताव की जानकारी
यह जानकारी सामने आई है कि 21 जुलाई 2026 को वाशिंगटन में Pakistan के वित्त मंत्री Muhammad Aurangzeb ने US के ट्रेजरी सेक्रेटरी Scott Bessent से मुलाकात की। हालांकि आधिकारिक बयानों में इस विशेष राशि का जिक्र नहीं किया गया, लेकिन मंत्री ने क्षेत्रीय भू-राजनीतिक हालात के कारण देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले असर और विदेशी मुद्रा भंडार को बढ़ाने के लिए समर्थन की आवश्यकता पर जोर दिया।
सहायता की शर्तें और भविष्य की संभावना
प्रस्तावित सहायता के तहत 5 साल तक की परिपक्वता अवधि तय की गई है, जिसे US Treasury के माध्यम से लोन या बैकस्टॉप सपोर्ट के रूप में दिए जाने की उम्मीद है। अभी तक US Treasury ने इस पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है, लेकिन राजनयिक सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान की ईरान युद्ध संबंधी वार्ताओं में भूमिका के बाद इस मदद के मिलने की संभावना बनी हुई है। फिलहाल पाकिस्तान का विदेशी मुद्रा भंडार काफी हद तक China और Saudi Arabia द्वारा दिए गए कर्ज और जमा राशि पर टिका हुआ है।
